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कक्षा 10 गणित अध्याय 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर

CBSE· 44+ मौलिक प्रश्न तैयारView in English

उत्तर सहित महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्नों का अभ्यास करें, CBSE अंक-विभाजन व ब्लूप्रिंट देखें, या पूरा नमूना प्रश्नपत्र बनाएँ — मुफ़्त, 2026-27 के लिए।

qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026

संक्षेप में उत्तर

हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 10 गणित अध्याय 12 (“पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।

कक्षा 10 गणित के अध्याय 12 'पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन' में विद्यार्थी विभिन्न त्रिविमीय ठोस आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन की गणना सीखते हैं। यह अध्याय पूर्व कक्षाओं में पढ़े गए घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोले और अर्धगोले जैसी मूल आकृतियों के ज्ञान पर आधारित है, लेकिन यहाँ मुख्य फोकस इन आकृतियों के संयोजन से बने ठोसों, शंकु के छिन्नक (frustum), तथा एक आकार से दूसरे आकार में रूपांतरण पर होता है।

इस अध्याय में तीन प्रमुख उपविषय शामिल हैं: (i) दो या दो से अधिक ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन, जैसे बेलन पर शंकु या अर्धगोला रखकर बनी आकृतियाँ, (ii) ठोसों के रूपांतरण पर आधारित समस्याएँ, जैसे किसी ठोस को पिघलाकर दूसरे आकार में ढालने पर बनने वाली वस्तुओं की संख्या ज्ञात करना, और (iii) शंकु का छिन्नक, जिसमें एक शंकु को समतल से काटने पर बनने वाली बाल्टी या गिलास जैसी आकृति के वक्र पृष्ठ, कुल पृष्ठ तथा आयतन के सूत्रों का उपयोग करना सिखाया जाता है।

परीक्षा की दृष्टि से इस अध्याय में सामान्यतः अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें वास्तविक जीवन की वस्तुओं जैसे तम्बू, बाल्टी, खिलौने, दवा कैप्सूल आदि का पृष्ठीय क्षेत्रफल या आयतन निकालने को कहा जाता है। प्रश्नों में लागत का अनुमान लगाना, चादर या कपड़े की मात्रा ज्ञात करना, या पिघलाकर नई वस्तुएँ बनाने जैसी दैनंदिनी समस्याएँ शामिल होती हैं। इस अध्याय को अच्छी तरह समझने के लिए सूत्रों को याद रखने के साथ-साथ आकृतियों का त्रिविमीय चित्रण (दिमाग में छवि) बनाना और यह जानना आवश्यक है कि संयोजन बनाते समय कौन-सा पृष्ठ आपस में जुड़ता है और गणना में किसे जोड़ा या घटाया जाता है। अभ्यास से विद्यार्थी यह कौशल सरलता से विकसित कर सकते हैं।

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गणितपृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन

कक्षा 10समय: 3 घंटेअधिकतम अंक: 80

खंड क

  1. 1.

    एक बेलन और एक शंकु की आधार त्रिज्या और ऊँचाई समान हैं। उनके आयतनों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

    (a) 1:3(b) 3:1(c) 1:1(d) 1:2
    1
  2. 2.

    एक बाल्टी एक शंकु के छिन्नक के आकार की है, जिसकी ऊँचाई 16 सेमी और वृत्तीय सिरों की त्रिज्याएँ 8 सेमी और 20 सेमी हैं। बाल्टी बनाने में प्रयुक्त धातु की चादर का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि बाल्टी ऊपर से खुली है।

    (a) 624π सेमी²(b) 560π सेमी²(c) 720π सेमी²(d) 500π सेमी²
    1
  3. 3.

    एक खिलौना एक शंकु और एक अर्धगोले के संयोजन से बना है, जिसकी आधार त्रिज्या 3 सेमी है और शंकु की ऊँचाई 4 सेमी है। खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (अर्धगोले का आधार बंद नहीं है)

    (a) 33π सेमी²(b) 36π सेमी²(c) 30π सेमी²(d) 45π सेमी²
    1

पूरे पेपर में 41 और प्रश्न

पूरा प्रश्नपत्र बनाएँ

अंक-विभाजन व ब्लूप्रिंट

CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:

प्रश्न प्रकारप्रति अंकहमारे बैंक में
बहुविकल्पीय (MCQ)1 अंक13
अभिकथन–कारण1 अंक6
लघु उत्तरीय2 अंक8
लघु उत्तरीय3 अंक6
दीर्घ उत्तरीय5 अंक5
केस स्टडी4 अंक6

इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।

महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)

अभ्यास व पुनरावृत्ति के लिए असली, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — हर प्रश्न उत्तर सहित। असीमित प्रश्नों के लिए पूरा प्रश्नपत्र बनाएँ।

  1. Q1. एक बेलन और एक शंकु की आधार त्रिज्या और ऊँचाई समान हैं। उनके आयतनों का अनुपात ज्ञात कीजिए।

    1 अंक
    बहुविकल्पीय (MCQ)
    (A) 1:3(B) 3:1(C) 1:1(D) 1:2
    उत्तर

    3:1

  2. Q2. एक बाल्टी एक शंकु के छिन्नक के आकार की है, जिसकी ऊँचाई 16 सेमी और वृत्तीय सिरों की त्रिज्याएँ 8 सेमी और 20 सेमी हैं। बाल्टी बनाने में प्रयुक्त धातु की चादर का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यदि बाल्टी ऊपर से खुली है।

    1 अंक
    बहुविकल्पीय (MCQ)
    (A) 624π सेमी²(B) 560π सेमी²(C) 720π सेमी²(D) 500π सेमी²
    उत्तर

    624π सेमी²

  3. Q3. एक खिलौना एक शंकु और एक अर्धगोले के संयोजन से बना है, जिसकी आधार त्रिज्या 3 सेमी है और शंकु की ऊँचाई 4 सेमी है। खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। (अर्धगोले का आधार बंद नहीं है)

    1 अंक
    बहुविकल्पीय (MCQ)
    (A) 33π सेमी²(B) 36π सेमी²(C) 30π सेमी²(D) 45π सेमी²
    उत्तर

    33π सेमी²

  4. Q4. एक शंकु की त्रिज्या 3 सेमी और ऊँचाई 12 सेमी है। इसे पिघलाकर एक गोला बनाया जाता है। गोले की त्रिज्या क्या होगी?

    1 अंक
    बहुविकल्पीय (MCQ)
    (A) 3 सेमी(B) 4 सेमी(C) 5 सेमी(D) 6 सेमी
    उत्तर

    3 सेमी

  5. Q5. अभिकथन (A): एक ठोस घन को उसके एक फलक के समांतर तल से दो बराबर घनाभों में काटा जाता है। दोनों घनाभों का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल मूल घन के पृष्ठीय क्षेत्रफल के बराबर होता है। कारण (R): काटने पर प्रत्येक घनाभ का आयतन मूल घन के आयतन का आधा हो जाता है।

    1 अंक
    अभिकथन–कारण
    (A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।
    उत्तर

    अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।

  6. Q6. एक बेलन के आधार की त्रिज्या 7 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। इसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

    2 अंक
    लघु उत्तरीय
    उत्तर

    440 सेमी²

  7. Q7. एक शंकु को उसके आधार के समान्तर एक तल द्वारा काटा जाता है जो ऊँचाई को 1 : 2 के अनुपात में विभाजित करता है (शीर्ष से दूरी का आधार से दूरी से अनुपात 1 : 2 है)। छोटे शंकु का आयतन 27 सेमी³ है। पूरे शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए।

    2 अंक
    लघु उत्तरीय
    उत्तर

    729 सेमी³

  8. Q8. एक ठोस एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक जैसे शंकु लगे हैं। बेलन की त्रिज्या 3 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। प्रत्येक शंकु की तिर्यक ऊँचाई 5 सेमी है। इस ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

    3 अंक
    लघु उत्तरीय
    उत्तर

    90π सेमी²

  9. Q9. धातु के एक ठोस बेलन, जिसकी त्रिज्या 6 सेमी और ऊँचाई 14 सेमी है, को पिघलाकर समान ऊँचाई का एक शंकु बनाया जाता है। शंकु के आधार की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।

    3 अंक
    लघु उत्तरीय
    उत्तर

    6√3 सेमी

  10. Q10. एक बाल्टी शंकु के छिन्नक के आकार की है जिसके ऊपरी और निचली सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 20 सेमी और 8 सेमी हैं तथा ऊँचाई 16 सेमी है। इस बाल्टी को बनाने में लगी धातु की चादर का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। यदि धातु की चादर की लागत ₹15 प्रति 100 वर्ग सेमी है, तो बाल्टी बनाने की लागत ज्ञात कीजिए। (π = 3.14 प्रयोग करें)

    5 अंक
    दीर्घ उत्तरीय
    उत्तर

    1959.36 वर्ग सेमी, लागत ₹293.90

  11. Q11. एक तम्बू बेलनाकार आधार पर एक शंक्वाकार शीर्ष के आकार का है। बेलनाकार भाग की ऊँचाई 2.1 मीटर और व्यास 4 मीटर है। शंक्वाकार शीर्ष की तिर्यक ऊँचाई 2.8 मीटर है। तम्बू बनाने में लगे कैनवस का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, यह मानते हुए कि तम्बू का कोई फर्श नहीं है। यदि कैनवस की लागत ₹50 प्रति वर्ग मीटर है, तो कैनवस की कुल लागत ज्ञात कीजिए। यदि कैनवस 2 मीटर चौड़े रोल में खरीदा जाए, तो रोल की कितनी लंबाई की आवश्यकता होगी?

    5 अंक
    दीर्घ उत्तरीय
    उत्तर

    क्षेत्रफल = 44 वर्ग मीटर, लागत = ₹2200, रोल की लंबाई = 22 मीटर

  12. Q12. एक ठोस लोहे का टुकड़ा एक घनाभ के आकार का है जिसकी लंबाई 20 सेमी, चौड़ाई 10 सेमी और ऊँचाई 10 सेमी है। इसके दोनों सिरों (10 सेमी × 10 सेमी के फलकों) पर 10 सेमी व्यास के अर्धगोले लगे हुए हैं। इस पूरे ठोस को पिघलाकर 1 सेमी व्यास का तार बनाया जाता है।

    4 अंक
    केस स्टडी
    1. (i) अर्धगोलों का कुल आयतन ज्ञात कीजिए।1 अंक
    2. (ii) ठोस का कुल आयतन ज्ञात कीजिए।1 अंक
    3. (iii) बनाए गए तार की लंबाई ज्ञात कीजिए।2 अंक
    उत्तर

    अर्धगोलों का आयतन 500π/3 सेमी³, कुल आयतन 2000 + 500π/3 सेमी³, तार की लंबाई (8000/π + 2000/3) सेमी ≈ 3212.12 सेमी (32.12 मी) है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अध्याय के परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूत्र कौन से हैं जिन्हें ज़रूर याद रखना चाहिए?

इस अध्याय में तीन मुख्य श्रेणियों के सूत्र महत्वपूर्ण हैं: (1) मूल ठोसों (बेलन, शंकु, गोला, अर्धगोला) के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन के सूत्र, (2) शंकु के छिन्नक के लिए वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल = πl(r₁+r₂), कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = πl(r₁+r₂)+πr₁²+πr₂², और आयतन = (1/3)πh(r₁²+r₂²+r₁r₂), जहाँ l = √(h²+(r₁−r₂)²) तिर्यक ऊँचाई है, (3) संयोजन के प्रश्नों में ध्यान रखें कि जब दो ठोस जोड़े जाते हैं, तो उनका संयुक्त पृष्ठीय क्षेत्रफल उनके अलग-अलग पृष्ठीय क्षेत्रफलों के योग से कम होता है क्योंकि संपर्क तल का क्षेत्रफल दोनों में से घटाना पड़ता है।

शंकु के छिन्नक के सूत्र याद करने में अक्सर कठिनाई होती है, इसे आसानी से कैसे सीखें?

छिन्नक के सूत्र याद रखने के लिए सबसे पहले तिर्यक ऊँचाई (l) का सूत्र l = √(h²+(r₁−r₂)²) समझें, जो पाइथागोरस प्रमेय पर आधारित है। इसके बाद, छिन्नक को एक बड़े शंकु में से छोटा शंकु काटकर निकालने के रूप में देखें। आयतन का सूत्र (1/3)πh(r₁²+r₂²+r₁r₂) शंकु के आयतन से मिलता-जुलता है, बस इसमें त्रिज्याओं का विशेष योग है। वक्र पृष्ठ का सूत्र πl(r₁+r₂) एक अर्थ में औसत त्रिज्या वाले बेलन के वक्र पृष्ठ जैसा है। अभ्यास के लिए बाल्टी या गिलास जैसी वस्तुओं पर प्रश्न बार-बार हल करें ताकि सूत्र स्वतः याद हो जाएँ।

संयोजन वाले प्रश्नों में सबसे ज़्यादा ग़लती कहाँ होती है और उससे कैसे बचें?

संयोजन वाले प्रश्नों में सबसे आम गलती यह है कि विद्यार्थी दोनों ठोसों का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल जोड़ देते हैं, जबकि जुड़ने वाली सतह का क्षेत्रफल वास्तविक ठोस में नहीं होता, इसलिए उसे घटाना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, एक बेलन पर शंकु रखने पर बेलन का ऊपरी वृत्तीय तल और शंकु का आधार दोनों ढक जाते हैं, अतः केवल बेलन का वक्र पृष्ठ, शंकु का वक्र पृष्ठ और बेलन का निचला आधार ही गिना जाता है। इसी प्रकार, अर्धगोले पर शंकु रखने पर अर्धगोले का आधार ढक जाता है। हमेशा चित्र बनाकर सोचें कि कौन-सी सतहें दिखाई देंगी और कौन-सी छिप जाएँगी। आयतन के प्रश्नों में ऐसी कोई समस्या नहीं है, बस दोनों के आयतन जोड़ दिए जाते हैं।

CBSE बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से कितने अंकों के प्रश्न आते हैं और किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

CBSE कक्षा 10 गणित की बोर्ड परीक्षा में अध्याय 12 'पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन' से प्रतिवर्ष लगभग 6-8 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें एक 3 अंक का प्रश्न और एक 4 अंक का प्रश्न (या दो 3 अंक के प्रश्न) शामिल हो सकते हैं। प्रश्न अक्सर अनुप्रयोग-आधारित होते हैं, जैसे किसी बर्तन या खिलौने का पृष्ठीय क्षेत्रफल या आयतन ज्ञात करना, धातु की चादर की लागत निकालना, या किसी ठोस को पिघलाकर नई वस्तुएँ बनाना। छिन्नक से भी प्रायः 3 या 4 अंक का प्रश्न पूछा जाता है। इसलिए यह अध्याय अंक-वृद्धि के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है और इसमें पूर्ण अंक प्राप्त करने के लिए सूत्रों के साथ-साथ आकृतियों की समझ और सतर्कता आवश्यक है।

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