कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
उत्तर सहित महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्नों का अभ्यास करें, CBSE अंक-विभाजन व ब्लूप्रिंट देखें, या पूरा नमूना प्रश्नपत्र बनाएँ — मुफ़्त, 2026-27 के लिए।
qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 11 (“प्रजनन – जीवन की निरंतरता”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 9 विज्ञान का अध्याय 11 'प्रजनन – जीवन की निरंतरता' जीवों में प्रजनन की प्रक्रिया को समझाता है। यह अध्याय दो मुख्य प्रकार के प्रजनन पर केंद्रित है: अलैंगिक और लैंगिक। अलैंगिक प्रजनन में एकल जनक से आनुवंशिक रूप से समरूप संतति उत्पन्न होती है, जबकि लैंगिक प्रजनन में दो भिन्न जनकों के युग्मकों के संयोजन से विविधता वाली संतति बनती है। पादपों में कायिक प्रवर्धन जैसे कलम लगाना, गूटी बनाना और बडिंग पर भी चर्चा की गई है। विद्यार्थी सीखते हैं कि जटिल जीव लैंगिक प्रजनन को क्यों पसंद करते हैं, गुणसूत्रों की संख्या पीढ़ी दर पीढ़ी स्थिर कैसे रहती है, और निषेचन का महत्व। परीक्षा में अलैंगिक व लैंगिक प्रजनन की तुलना, कायिक प्रवर्धन के लाभ, गुणसूत्र संख्या के प्रश्न, और परागण व निषेचन से जुड़े अनुप्रयोग आते हैं। उदाहरण के लिए, किसान बीज के बजाय कायिक प्रवर्धन का उपयोग कब और क्यों करते हैं, या मानव शुक्राणु में गुणसूत्रों की संख्या 23 होने का कारण। इस अध्याय के प्रश्न विद्यार्थी की अवधारणात्मक समझ और तार्किक क्षमता का परीक्षण करते हैं।
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विज्ञान — प्रजनन – जीवन की निरंतरता
खंड क
- 1.1
कायिक प्रवर्धन में नए पौधे किस भाग से उत्पन्न होते हैं?
(a) केवल जड़ से(b) केवल तने से(c) केवल पत्ती से(d) इन सभी से - 2.1
निम्नलिखित में से कौन-सी अलैंगिक प्रजनन की विधि नहीं है?
(a) मुकुलन(b) खंडन(c) निषेचन(d) बीजाणु निर्माण - 3.1
ब्रेड मोल्ड में बीजाणु कहाँ बनते हैं?
(a) बीजाणुधानी में(b) अंडाशय में(c) परागकोष में(d) मुकुल में
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
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- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. कायिक प्रवर्धन में नए पौधे किस भाग से उत्पन्न होते हैं?
1 अंक(A) केवल जड़ से(B) केवल तने से(C) केवल पत्ती से(D) इन सभी से▸ उत्तर▾ उत्तर
D) इन सभी से
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सी अलैंगिक प्रजनन की विधि नहीं है?
1 अंक(A) मुकुलन(B) खंडन(C) निषेचन(D) बीजाणु निर्माण▸ उत्तर▾ उत्तर
C) निषेचन
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. ब्रेड मोल्ड में बीजाणु कहाँ बनते हैं?
1 अंक(A) बीजाणुधानी में(B) अंडाशय में(C) परागकोष में(D) मुकुल में▸ उत्तर▾ उत्तर
A) बीजाणुधानी में
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. एक माली आम की कलम (स्कोन) को नींबू के स्टॉक पर ग्राफ्ट करता है। परिणामी पौधे पर लगने वाले फल होंगे:
1 अंक(A) आम(B) नींबू(C) आम और नींबू का मिश्रण(D) बीजरहित▸ उत्तर▾ उत्तर
A) आम
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): हाइड्रा में बार-बार कोशिका विभाजन से शरीर पर एक मुकुल का विकास होता है। कारण (R): मुकुलन एक प्रकार का अलैंगिक जनन है।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
- लघु उत्तरीय
Q6. लुई पाश्चर के प्रयोग ने यह सिद्ध किया कि जीवन केवल पूर्व-विद्यमान जीवन से उत्पन्न होता है। सूक्ष्मजीवों के जनन के संदर्भ में इस खोज के दो व्यावहारिक लाभ लिखिए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
इस खोज से खाद्य परिरक्षण (जैसे पाश्चराइजेशन और प्रशीतन) और शल्य उपकरणों के रोगाणुनाशन की तकनीकें विकसित हुईं, जिससे भोजन खराब होने से बचता है और संक्रमण रोके जाते हैं।
- लघु उत्तरीय
Q7. यदि आप ब्रेड पर उगने वाली फफूंद का सूक्ष्मदर्शी से प्रेक्षण करें तो आपको धागेनुमा संरचनाएँ और सिरे पर गोल थैलियाँ दिखाई देती हैं। यह प्रेक्षण फफूंद के जनन के बारे में क्या बताता है?
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
यह दर्शाता है कि फफूंद बीजाणु (स्पोर) द्वारा जनन करती है। धागेनुमा संरचनाएँ हाइफी हैं और गोल थैलियाँ स्पोरंजिया हैं जिनमें बीजाणु बनते हैं, जो वायु में मुक्त होकर नई फफूंद उत्पन्न करते हैं।
- लघु उत्तरीय
Q8. ब्रेड पर फफूँद लगने की प्रक्रिया में बीजाणुओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
फफूँद के बीजाणु वायु में उपस्थित रहते हैं। जब ये नम और पोषक-युक्त ब्रेड पर गिरते हैं, तो अनुकूल तापमान पाकर अंकुरित होते हैं। प्रत्येक बीजाणु से सूत्रकवक (हाइफी) निकलकर शाखित जाल बनाता है और तीव्रता से फैलता है। बाद में, सूत्रकवक पर बीजाणुधानियाँ बनती हैं जिनमें हजारों नए बीजाणु उत्पन्न होते हैं। ये बीजाणु पुनः वायु द्वारा बिखरकर नई फफूँद कालोनियाँ बनाते हैं।
- लघु उत्तरीय
Q9. एक ही जनक से उत्पन्न अलैंगिक जनित संतति और दो भिन्न जनकों से उत्पन्न लैंगिक जनित संतति की तुलना कीजिए। जटिल बहुकोशिकीय जीवों के लिए लैंगिक जनन के दो प्रमुख लाभ बताइए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है और उसमें कोई विभिन्नता नहीं होती। जबकि लैंगिक जनन में दो जनकों के गुणसूत्रों का पुनर्संयोजन होता है, जिससे संतति में विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं। जटिल बहुकोशिकीय जीवों के लिए लैंगिक जनन के दो लाभ हैं: (1) विभिन्नताएँ पर्यावरण के अनुकूलन में सहायक होती हैं और प्रजाति के उद्विकास को बढ़ावा देती हैं। (2) यह हानिकारक अप्रभावी जीनों को छिपाए रखने में मदद करता है, क्योंकि अधिकांश हानिकारक उत्परिवर्तन अप्रभावी होते हैं और विषमयुग्मजी अवस्था में प्रकट नहीं होते।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. प्रजनन के दौरान गुणसूत्रों की संख्या स्थिर बनाए रखना क्यों आवश्यक है? यदि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में गुणसूत्रों की संख्या दोगुनी हो जाए तो इसके क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं? इस समस्या का समाधान प्रकृति में किस प्रकार होता है? समझाइए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
प्रत्येक जाति में गुणसूत्रों की संख्या निश्चित होती है (जैसे मनुष्य में 46)। यदि प्रजनन के फलस्वरूप संतान में गुणसूत्रों की संख्या स्थिर न रही, तो हर पीढ़ी में यह संख्या बदल जाएगी। लैंगिक जनन में यदि जनकों की पूरी गुणसूत्र संख्या संतान को चली जाए, तो हर पीढ़ी में संख्या दुगुनी हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप कोशिकीय प्रक्रियाएँ असामान्य हो जाएँगी, शरीर का विकास विकृत हो सकता है और जीव जीवित नहीं रह पाएगा। इस समस्या का समाधान प्रकृति में अर्धसूत्रण (मियोसिस) नामक कोशिका विभाजन द्वारा होता है। अर्धसूत्रण में जनक की कोशिकाएँ विभाजित होकर युग्मक बनाती हैं, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या आधी (अगुणित) हो जाती है। जब नर और मादा युग्मक संलयित होते हैं, तो संतान में पुनः निश्चित संख्या (द्विगुणित) स्थापित हो जाती है। इस प्रकार गुणसूत्र संख्या पीढ़ी दर पीढ़ी स्थिर बनी रहती है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. आपके घर के बगीचे में आम का एक पेड़ है जिसके फल बहुत रसीले और मीठे हैं, परंतु पेड़ बूढ़ा हो गया है और उसमें फल कम लगने लगे हैं। आप इस पेड़ के गुणों वाले नए पौधे कैसे प्राप्त करेंगे? इसके लिए उपयुक्त वानस्पतिक प्रवर्धन विधि का चयन कर उसके चरणों का वर्णन कीजिए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
आम के पेड़ के रसीले और मीठे फलों के गुणों वाले नए पौधे प्राप्त करने के लिए कलम बाँधने (ग्राफ्टिंग) की विधि उपयुक्त रहेगी। इसमें निम्नलिखित चरण होते हैं: 1. एक स्वस्थ जड़युक्त पौधा (प्रतिरोधी किस्म का, जैसे देसी आम) लें, जिसे 'रूटस्टॉक' कहते हैं। 2. इच्छित गुणों वाले बूढ़े पेड़ से एक स्वस्थ कलम या शाखा का टुकड़ा लें, जिसे 'साइयन' कहते हैं। 3. रूटस्टॉक के तने पर एक तिरछा कट लगाकर चीरा बनाएँ। 4. साइयन के आधार को उसी कोण पर काटकर रूटस्टॉक के चीरे में फिट करें। 5. इस जोड़ को सूती कपड़े या प्लास्टिक की पट्टी से लपेट दें ताकि यह सुरक्षित रहे और हवा व कीड़े न लगें। 6. नियमित पानी देते रहें। कुछ सप्ताह में साइयन बढ़ने लगेगा और नए पौधे में वही मिठास व रस विकसित होगा।
- केस स्टडी
Q12. छात्र ने यीस्ट का सूक्ष्मदर्शी से प्रेक्षण किया और देखा कि कई कोशिकाओं के बाहर छोटे-छोटे उभार निकल रहे हैं जो धीरे-धीरे आकार में बढ़ रहे हैं और कुछ अलग भी हो रहे हैं। शिक्षक ने बताया कि यह यीस्ट में होने वाली एक सामान्य अलैंगिक जनन प्रक्रिया है।
4 अंक- (i) उपरोक्त प्रेक्षण में यीस्ट में किस प्रकार के अलैंगिक जनन का संकेत मिलता है?1 अंक
- (ii) मुकुलन की प्रक्रिया हाइड्रा में किस प्रकार भिन्न होती है?3 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
यीस्ट में मुकुलन होता है। हाइड्रा में भी मुकुलन होता है, परंतु वह बहुकोशिकीय होने के कारण यह प्रक्रिया शरीर की सतह पर होती है और अनेक कलिकाएँ एक साथ बन सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अलैंगिक और लैंगिक प्रजनन में क्या मुख्य अंतर हैं?
अलैंगिक प्रजनन में एक जनक भाग लेता है और संतति आनुवंशिक रूप से समरूप होती है, जबकि लैंगिक प्रजनन में दो जनकों के युग्मक मिलते हैं, जिससे संतति में विविधता आती है।
किसान केले और गन्ने में कायिक प्रवर्धन को बीज पर क्यों प्राथमिकता देते हैं?
इसके दो मुख्य कारण हैं – पहला, इन फसलों में बीज या तो नहीं बनते या व्यवहार्य नहीं होते; दूसरा, कायिक प्रवर्धन से मातृ पौधे के समान गुणों वाले पौधे शीघ्र प्राप्त हो जाते हैं।
मानव की त्वचा कोशिका में 46 गुणसूत्र होते हैं, लेकिन शुक्राणु में 23 ही क्यों?
क्योंकि शुक्राणु अर्धसूत्री विभाजन से बनता है, जिसमें गुणसूत्र संख्या आधी हो जाती है ताकि निषेचन के बाद पुनः 46 गुणसूत्र का द्विगुणित सेट स्थापित हो सके।
जटिल बहुकोशिकीय जीवों के लिए लैंगिक प्रजनन के दो प्रमुख लाभ क्या हैं?
लैंगिक प्रजनन से उत्पन्न संतति में आनुवंशिक विविधता होती है, जो बदलते पर्यावरण में जीवित रहने की संभावना बढ़ाती है; साथ ही यह हानिकारक लक्षणों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी एकत्र होने से रोकता है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन