कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
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qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 2 (“कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 9 विज्ञान का अध्याय 2, 'कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई', छात्रों को सजीवों की मूल संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाइयों से परिचित कराता है। इस अध्याय में कोशिका की खोज से लेकर रॉबर्ट हुक के 1665 में कॉर्क कोशिकाओं के अवलोकन, कोशिका सिद्धांत, प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिकाओं के बीच अंतर, तथा एककोशिकीय व बहुकोशिकीय जीवों की अवधारणाओं को शामिल किया गया है। विद्यार्थी कोशिका झिल्ली के तरल मोज़ेक मॉडल, कोशिका भित्ति की भूमिका, परासरण और प्लास्मोलिसिस जैसी प्रक्रियाओं को समझते हैं। सूक्ष्मदर्शी के प्रकार, आवर्धन और विभेदन की सीमाओं का ज्ञान भी दिया जाता है, जो कोशिका जीव विज्ञान के अध्ययन में सहायक है। इसके अतिरिक्त, तापप्रेमी जीवाणुओं जैसे चरमपसंदी जीवों के उदाहरण से प्रारंभिक पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के संकेत मिलते हैं। परीक्षा में इस अध्याय से विविध प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे कोशिकांगों की संरचना और कार्य, पादप व जंतु कोशिकाओं में अंतर, सूक्ष्मदर्शी आधारित गणनाएँ, और परासरण संबंधी प्रायोगिक प्रश्न। यह अध्याय छात्रों की अवधारणात्मक समझ और व्यावहारिक कौशल दोनों का आकलन करता है।
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विज्ञान — कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
खंड क
- 1.1
उन जीवों को क्या कहते हैं जो केवल एक ही कोशिका से बने होते हैं?
(a) एककोशिकीय(b) बहुकोशिकीय(c) प्रोकैरियोटिक(d) यूकैरियोटिक - 2.1
एक सूक्ष्मदर्शी के देखने के क्षेत्र (field of view) का व्यास 2 mm है। यदि व्यास के अनुदिश एक सीध में 40 कोशिकाएँ दिखाई दें, तो एक कोशिका का अनुमानित आकार क्या होगा?
(a) 50 μm(b) 20 μm(c) 80 μm(d) 100 μm - 3.1
एक पादप कोशिका को अतिपरासारी (hypertonic) विलयन में रखने पर कोशिका में क्या परिवर्तन होगा?
(a) कोशिका फूल जाएगी(b) कोशिका सिकुड़ जाएगी(c) कोशिका का आकार अपरिवर्तित रहेगा(d) कोशिका भंग हो जाएगी
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
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- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. उन जीवों को क्या कहते हैं जो केवल एक ही कोशिका से बने होते हैं?
1 अंक(A) एककोशिकीय(B) बहुकोशिकीय(C) प्रोकैरियोटिक(D) यूकैरियोटिक▸ उत्तर▾ उत्तर
एककोशिकीय
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. एक सूक्ष्मदर्शी के देखने के क्षेत्र (field of view) का व्यास 2 mm है। यदि व्यास के अनुदिश एक सीध में 40 कोशिकाएँ दिखाई दें, तो एक कोशिका का अनुमानित आकार क्या होगा?
1 अंक(A) 50 μm(B) 20 μm(C) 80 μm(D) 100 μm▸ उत्तर▾ उत्तर
50 μm
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. एक पादप कोशिका को अतिपरासारी (hypertonic) विलयन में रखने पर कोशिका में क्या परिवर्तन होगा?
1 अंक(A) कोशिका फूल जाएगी(B) कोशिका सिकुड़ जाएगी(C) कोशिका का आकार अपरिवर्तित रहेगा(D) कोशिका भंग हो जाएगी▸ उत्तर▾ उत्तर
कोशिका सिकुड़ जाएगी
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. समपरासारी (isotonic) विलयन में रखी पादप कोशिका का आयतन स्थिर रहता है, जबकि इसी विलयन में रखी कोई पशु कोशिका फट सकती है। इस अंतर का कारण है:
1 अंक(A) पादप कोशिका में कोशिका भित्ति होती है जो फटने से रोकती है(B) पशु कोशिका में रिक्तिकाएँ नहीं होतीं(C) पादप कोशिका झिल्ली में लिपिड की मात्रा अधिक होती है(D) पशु कोशिका में परासरण नहीं होता▸ उत्तर▾ उत्तर
पादप कोशिका में कोशिका भित्ति होती है जो फटने से रोकती है
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): सूक्ष्मदर्शी में दृश्य क्षेत्र के व्यास और उसमें दिखने वाली कोशिकाओं की संख्या के आधार पर कोशिका के आकार का आकलन किया जा सकता है। कारण (R): यदि दृश्य क्षेत्र का व्यास 1000 μm है और व्यास के अनुदिश 10 कोशिकाएँ दिखती हैं, तो प्रत्येक कोशिका का आकार 10 μm होगा।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।
- लघु उत्तरीय
Q6. पादप कोशिकाओं में कोशिका भित्ति का क्या महत्व है?
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
कोशिका भित्ति पादप कोशिकाओं को दृढ़ता, आकार और यांत्रिक सहायता प्रदान करती है। यह अत्यधिक जल प्रवेश से होने वाली स्फीति को नियंत्रित कर कोशिका को फटने से बचाती है और बाह्य आघातों से रक्षा करती है।
- लघु उत्तरीय
Q7. सूक्ष्मदर्शी के किन्हीं दो भागों के नाम लिखिए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
सूक्ष्मदर्शी के दो प्रमुख भाग हैं – नेत्रिका (eyepiece) और अभिदृश्यक लेंस (objective lens)। अन्य भागों में मंच (stage), दर्पण (mirror) आदि भी शामिल हो सकते हैं।
- लघु उत्तरीय
Q8. कोशिका झिल्ली की तरल मोज़ेक मॉडल के अनुसार उसकी संरचना किस प्रकार की होती है? यह संरचना कोशिका झिल्ली को चयनात्मक पारगम्य बनाने में किस प्रकार सहायक है?
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
तरल मोज़ेक मॉडल के अनुसार कोशिका झिल्ली में लिपिडों का द्वि-स्तरीय संगठन होता है जिसमें प्रोटीन अणु धंसे होते हैं। लिपिड अणुओं के जलस्नेही सिर बाहर की ओर तथा जलविरोधी पूँछ अंदर की ओर होती है। यह झिल्ली तरल प्रकृति की होती है, जिसमें अणु पार्श्व गति कर सकते हैं। प्रोटीन द्वार बनाकर कुछ विशिष्ट पदार्थों को ही प्रवेश देते हैं, जिससे झिल्ली चयनात्मक पारगम्यता प्रदर्शित करती है।
- लघु उत्तरीय
Q9. एक प्रकाश सूक्ष्मदर्शी के नेत्रिका पर 10X तथा अभिदृश्य लेंस पर 45X लिखा है। सूक्ष्मदर्शी के देखने के क्षेत्र का व्यास 3.6 मिमी मापा गया। यदि व्यास के अनुदिश एक सीधी रेखा में 30 कोशिकाएँ दिखाई दें, तो एक कोशिका का वास्तविक आकार ज्ञात कीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
कुल आवर्धन = 10 × 45 = 450X; क्षेत्र व्यास = 3.6 मिमी = 3600 μm; कोशिका का आकार = 3600 μm / 30 = 120 μm।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. कोशिका झिल्ली के द्रव-मोज़ेक मॉडल (Fluid-Mosaic Model) का सचित्र वर्णन कीजिए। यह मॉडल झिल्ली के चयनात्मक पारगम्यता गुण को समझाने में किस प्रकार सहायक है?
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
द्रव-मोज़ेक मॉडल के अनुसार कोशिका झिल्ली लिपिड द्विस्तर (Lipid Bilayer) से बनी होती है जिसमें प्रोटीन अणु धंसे होते हैं। लिपिड अणुओं के हाइड्रोफिलिक सिर बाहर और हाइड्रोफोबिक पूंछ अंदर की ओर रहते हैं। प्रोटीन, जो 'द्वारपाल' की तरह कार्य करते हैं, पदार्थों के परिवहन में मदद करते हैं। यह झिल्ली तरल है, इसके अणु पार्श्व में गति कर सकते हैं, इसलिए ‘द्रव’ शब्द। प्रोटीनों की मोज़ेक जैसी सजावट के कारण ‘मोज़ेक’। यह मॉडल चयनात्मक पारगम्यता को इस प्रकार समझाता है: छोटे अनावेशित अणु सीधे लिपिड द्विस्तर से विसरित हो सकते हैं, जबकि बड़े या आवेशित अणुओं के लिए विशिष्ट वाहक प्रोटीन या चैनल की आवश्यकता होती है। प्रोटीनों की उपस्थिति ही झिल्ली को चयनात्मक बनाती है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. परासरण (Osmosis) क्या है? एक सरल प्रयोग द्वारा इसे समझाइए। कोशिका झिल्ली को चयनात्मक पारगम्य (Selectively Permeable) क्यों कहा जाता है?
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
परासरण एक विशेष प्रकार का विसरण है जिसमें जल अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से कम विलेय-सांद्रता से अधिक विलेय-सांद्रता की ओर गति करता है। आलू प्रयोग: एक आलू के टुकड़े को शुद्ध जल में रखने पर वह फूल जाता है क्योंकि जल बाहर से कोशिका में प्रवेश कर जाता है। दूसरे टुकड़े को नमक के सांद्र विलयन में रखने पर वह सिकुड़ जाता है क्योंकि कोशिका से जल बाहर निकल जाता है। कोशिका झिल्ली कुछ पदार्थों को आने-जाने देती है और दूसरों को रोकती है; इसी गुण के कारण इसे चयनात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।
- केस स्टडी
Q12. पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के विषय में एक परिकल्पना के अनुसार, लद्दाख के पुगा घाटी के गर्म जल के झरने प्रारंभिक पृथ्वी के वातावरण से मिलते-जुलते हैं। यहाँ पाए जाने वाले ऊष्मप्रेमी जीवाणु (थर्मोफाइल) 90°C से भी अधिक तापमान पर जीवित रहते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि इन जीवाणुओं के आसपास कैल्शियम कार्बोनेट तीव्रता से जमा हो जाता है। माना जाता है कि इस प्रकार के निक्षेपों ने आदिकल में कार्बनिक अणुओं को हानिकारक विकिरणों से बचाकर प्रथम कोशिका झिल्ली के विकास में योगदान दिया।
4 अंक- (i) ऊष्मप्रेमी जीवाणुओं की कोशिका झिल्ली उच्च तापमान पर स्थिर रहने के लिए किस प्रकार अनुकूलित हो सकती है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।2 अंक
- (ii) प्रारंभिक पृथ्वी पर कैल्शियम कार्बोनेट निक्षेप किस प्रकार प्रथम कोशिका झिल्ली का अग्रदूत बने होंगे?1 अंक
- (iii) यदि आदिकालीन कोशिकाओं में झिल्ली का विकास नहीं होता तो जीवन की उत्पत्ति पर क्या परिणाम होता?1 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
1. ऊष्मप्रेमी जीवाणुओं की झिल्ली में संतृप्त वसीय अम्ल और विशेष प्रोटीन अधिक होते हैं जो उच्च ताप सहन करने में सहायक हैं। 2. कैल्शियम कार्बोनेट निक्षेपों ने कार्बनिक अणुओं को सुरक्षित रखकर झिल्ली निर्माण में मदद की। 3. झिल्ली के बिना जीवन संभव नहीं था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रॉबर्ट हुक ने कोशिकाओं की खोज कब और कैसे की?
1665 में, उन्होंने स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी से कॉर्क की पतली काट का अवलोकन किया और छोटे-छोटे खानों को देखकर इन्हें 'कोशिका' (सेल) नाम दिया।
कोशिका झिल्ली की तरल मोज़ेक मॉडल क्या है?
इस मॉडल के अनुसार, कोशिका झिल्ली में फॉस्फोलिपिड द्विस्तर, प्रोटीन अणु और अन्य घटक एक तरल रूप में गतिशील रहते हैं, जो इसे चयनात्मक पारगम्यता प्रदान करता है।
पादप कोशिका को अतिपरासारी विलयन में रखने पर क्या होता है?
इस स्थिति में कोशिका का जल बाहर निकल जाता है, कोशिकाद्रव्य सिकुड़कर भित्ति से अलग हो जाता है, जिसे प्लास्मोलिसिस कहते हैं। ऐसा परासरण के कारण होता है।
सूक्ष्मदर्शी का विभेदन क्या होता है?
विभेदन (रिज़ॉल्यूशन) सूक्ष्मदर्शी की दो निकटस्थ बिंदुओं को अलग-अलग दिखाने की क्षमता है। इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी का विभेदन प्रकाश सूक्ष्मदर्शी से बहुत अधिक होता है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन