कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
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qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 3 (“ऊतकों की कार्यप्रणाली”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 9 विज्ञान का अध्याय 3 'ऊतकों की कार्यप्रणाली' बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाओं के समूह (ऊतक) और उनके विशिष्ट कार्यों पर केंद्रित है। यह अध्याय पादप ऊतकों (विभज्योतक और स्थायी) तथा जंतु ऊतकों (उपकला, संयोजी, पेशीय और तंत्रिका) की संरचना, प्रकार और कार्यों को गहराई से समझाता है। इसमें विभज्योतक कोशिकाओं की विभाजन क्षमता, स्थायी ऊतकों में विभेदन, एपिडर्मिस की सुरक्षात्मक भूमिका, तथा जटिल ऊतक जाइलम-फ्लोएम द्वारा परिवहन जैसी अवधारणाएँ शामिल हैं। पादपों में द्वितीयक वृद्धि और वार्षिक वलयों के निर्माण जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। परीक्षा में इस अध्याय से संरचना-कार्य संबंध, प्रायोगिक परिदृश्य (जैसे जड़-शीर्ष हटाने पर वृद्धि रुकना, एपिडर्मिस हटाने का प्रभाव), और तुलनात्मक प्रश्न (पादप बनाम जंतु वृद्धि) अक्सर पूछे जाते हैं। ये प्रश्न विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ और विश्लेषण क्षमता का आकलन करते हैं। इस अध्याय को पढ़ते समय ऊतकों के चित्रों (जैसे पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा, स्क्लेरेन्काइमा, विभिन्न पेशी तंतु) का अभ्यास करें और प्रत्येक के कार्यों को उनकी संरचना से जोड़कर देखें। यहाँ दिए गए प्रश्न आपको CBSE पैटर्न के अनुसार तैयारी में मदद करेंगे।
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विज्ञान — ऊतकों की कार्यप्रणाली
खंड क
- 1.1
एक छात्र ने किसी पादप-तने की अनुप्रस्थ काट का अध्ययन किया और कोनों पर स्थूलित कोशिकाएँ देखीं जो लचीलापन प्रदान करती हैं। यह कौन-सा ऊतक होगा?
(a) मृदूत्तक (parenchyma)(b) कोलेन्काइमा (collenchyma)(c) स्क्लेरेन्काइमा (sclerenchyma)(d) एपिडर्मिस - 2.1
एक वृक्ष-तने की अनुप्रस्थ काट में दिखने वाले वार्षिक वलयों की चौड़ाई भिन्न-भिन्न होने का सबसे उचित कारण क्या है?
(a) वृक्ष की आयु के अनुसार वलय स्वतः बदलते हैं(b) उस वर्ष की जलवायु और वृद्धि-परिस्थितियाँ अनुकूल या प्रतिकूल होना(c) तने में उपस्थित लकड़ी की मात्रा में अंतर(d) पेड़ की विभिन्न प्रजातियों में वलय अलग-अलग होते हैं - 3.1
पादपों में शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristem) का प्राथमिक कार्य क्या है?
(a) तने की परिधि (girth) बढ़ाना(b) जड़ और तने की लम्बाई में वृद्धि करना(c) पत्तियाँ बनाना(d) कटे भागों की पुनर्रचना करना
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
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- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. एक छात्र ने किसी पादप-तने की अनुप्रस्थ काट का अध्ययन किया और कोनों पर स्थूलित कोशिकाएँ देखीं जो लचीलापन प्रदान करती हैं। यह कौन-सा ऊतक होगा?
1 अंक(A) मृदूत्तक (parenchyma)(B) कोलेन्काइमा (collenchyma)(C) स्क्लेरेन्काइमा (sclerenchyma)(D) एपिडर्मिस▸ उत्तर▾ उत्तर
कोलेन्काइमा (collenchyma)
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. एक वृक्ष-तने की अनुप्रस्थ काट में दिखने वाले वार्षिक वलयों की चौड़ाई भिन्न-भिन्न होने का सबसे उचित कारण क्या है?
1 अंक(A) वृक्ष की आयु के अनुसार वलय स्वतः बदलते हैं(B) उस वर्ष की जलवायु और वृद्धि-परिस्थितियाँ अनुकूल या प्रतिकूल होना(C) तने में उपस्थित लकड़ी की मात्रा में अंतर(D) पेड़ की विभिन्न प्रजातियों में वलय अलग-अलग होते हैं▸ उत्तर▾ उत्तर
उस वर्ष की जलवायु और वृद्धि-परिस्थितियाँ अनुकूल या प्रतिकूल होना
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. पादपों में शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristem) का प्राथमिक कार्य क्या है?
1 अंक(A) तने की परिधि (girth) बढ़ाना(B) जड़ और तने की लम्बाई में वृद्धि करना(C) पत्तियाँ बनाना(D) कटे भागों की पुनर्रचना करना▸ उत्तर▾ उत्तर
जड़ और तने की लम्बाई में वृद्धि करना
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. पादप और जंतु ऊतकों में वृद्धि के पैटर्न में अंतर का प्रमुख कारण क्या है?
1 अंक(A) जंतु कोशिकाओं में कोशिका-भित्ति की अनुपस्थिति(B) पादपों में सभी ऊतक विभज्योतक होते हैं(C) पादपों की वृद्धि विशिष्ट क्षेत्रों (विभज्योतक) तक सीमित होती है, जबकि जंतुओं में वृद्धि अधिक व्यापक होती है(D) जंतु केवल रात में वृद्धि करते हैं▸ उत्तर▾ उत्तर
पादपों की वृद्धि विशिष्ट क्षेत्रों (विभज्योतक) तक सीमित होती है, जबकि जंतुओं में वृद्धि अधिक व्यापक होती है
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): विभज्योतक ऊतकों से स्थायी ऊतकों का निर्माण विभेदन की प्रक्रिया द्वारा होता है। कारण (R): विभेदन के दौरान कोशिकाएँ विभाजन की क्षमता खो देती हैं और विशिष्ट कार्यों के लिए विशिष्टीकृत हो जाती हैं।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
- लघु उत्तरीय
Q6. विभेदन (Differentiation) किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
विभेदन वह प्रक्रिया है जिसमें विभज्योतक ऊतक विशेष कार्य करने के लिए स्थायी ऊतक में बदल जाते हैं। उदाहरण: एपिकल विभज्योतक से एपिडर्मिस का बनना।
- लघु उत्तरीय
Q7. विभज्योतक कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ सामान्यतः अनुपस्थित होती हैं। इसका कारण बताइए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
विभज्योतक कोशिकाएँ लगातार विभाजन करती हैं और इन्हें भोजन का भंडारण नहीं करना पड़ता। बड़ी रिक्तिकाएँ कोशिका विभाजन में बाधा डाल सकती हैं। इनका कोशिकाद्रव्य सघन होता है।
- लघु उत्तरीय
Q8. एक छात्रा ने प्याज की जड़ों की वृद्धि पर प्रयोग किया। उसने दो जार A और B में प्याज रखे। तीसरे दिन जार B की जड़ों के सिरे काट दिए। उसने पाया कि जार A की जड़ें लगातार बढ़ती रहीं, परंतु जार B की जड़ों की वृद्धि रुक गई। इस प्रेक्षण की व्याख्या करते हुए बताइए कि जड़ों की लंबाई वृद्धि के लिए कौन-सा ऊतक उत्तरदायी है और क्यों?
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
जड़ों की लंबाई वृद्धि के लिए शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristem) उत्तरदायी है। यह ऊतक जड़ के अग्र सिरे पर स्थित होता है और इसमें सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएँ होती हैं। जार A में सिरे सुरक्षित रहे, इसलिए कोशिका विभाजन होता रहा और जड़ बढ़ती रही। जार B में सिरा काट देने से विभज्योतक ऊतक हट गया, जिससे कोशिका विभाजन रुक गया और वृद्धि बंद हो गई।
- लघु उत्तरीय
Q9. विभज्योतक कोशिकाओं में रसधानियाँ सामान्यतः अनुपस्थित होती हैं। इसका कारण समझाइए और बताइए कि ये कोशिकाएँ पादपों की वृद्धि में किस प्रकार सहायक हैं?
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
विभज्योतक कोशिकाओं को तीव्र गति से कोशिका विभाजन के लिए अधिक स्थान और संसाधनों की आवश्यकता होती है। बड़ी रसधानियाँ स्थान घेर लेती हैं और विभाजन में बाधा डालती हैं, इसलिए ये अनुपस्थित होती हैं। ये कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होकर नई कोशिकाएँ देती हैं, जो कालांतर में विभेदन कर स्थायी ऊतक बनाती हैं और इस प्रकार पादप के विभिन्न भागों की वृद्धि सुनिश्चित करती हैं।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. पादपों में विभज्योतक ऊतक किसे कहते हैं? इसके विभिन्न प्रकारों के नाम लिखते हुए प्रत्येक का एक प्रमुख कार्य बताइए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
विभज्योतक ऊतक पादपों में पाई जाने वाली सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाओं का समूह है जो पादप वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है। इसके तीन प्रकार हैं: (i) शीर्षस्थ विभज्योतक – यह जड़ एवं तने की लंबाई में वृद्धि करता है। (ii) पार्श्व विभज्योतक – यह तने की मोटाई (परिधि) में वृद्धि करता है। (iii) अंतर्वेशी विभज्योतक – यह कटाई के पश्चात शाखाओं के पुनर्जनन में सहायक होता है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. एक प्रयोग में प्याज की जड़ों की नोक काट देने पर लंबाई वृद्धि रुक गई, किंतु कुछ दिनों बाद उसी जड़ से पार्श्व शाखाएँ उत्पन्न होने लगीं। इस परिघटना की व्याख्या विभिन्न विभज्योतक ऊतकों के आधार पर कीजिए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
जड़ की नोक में शीर्षस्थ विभज्योतक होता है जो जड़ की लंबाई वृद्धि के लिए उत्तरदायी है। नोक कटने पर शीर्षस्थ विभज्योतक हट जाता है, अतः लंबाई वृद्धि रुक जाती है। बाद में पार्श्व शाखाएँ निकलती हैं क्योंकि जड़ के पर्व संधि या क्षतिग्रस्त स्थान के पास स्थित कोशिकाएँ सक्रिय हो जाती हैं, जिनमें अंतर्वेशी विभज्योतक या विभेदन रहित कोशिकाएँ विभाजित होकर नई शाखाएँ बनाती हैं। यह प्रायः अंतर्वेशी विभज्योतक की सक्रियता को दर्शाता है।
- केस स्टडी
Q12. वन विभाग के एक अधिकारी को एक पुराने पेड़ के तने का अनुप्रस्थ-काट मिला और उसमें स्पष्ट वार्षिक वलय दिखे। उसने देखा कि कुछ वलय चौड़े तो कुछ बहुत संकरे थे। उसने उस क्षेत्र के पिछले 50 वर्षों के वर्षा के आंकड़ों से तुलना की और पाया कि अधिक वर्षा वाले वर्षों में वलय चौड़े थे, जबकि सूखे वर्षों में संकरे।
4 अंक- (i) ये वार्षिक वलय किस ऊतक की गतिविधि से बनते हैं?1 अंक
- (ii) सूखे वर्ष में वलय संकरे और वर्षा वाले वर्ष में चौड़े क्यों होते हैं? समझाइए।2 अंक
- (iii) वार्षिक वलयों की गणना का क्या उपयोग है?1 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
वार्षिक वलय लेटरल मेरिस्टेम (कैम्बियम) की गतिविधि से बनते हैं; अनुकूल परिस्थितियों में चौड़े और प्रतिकूल परिस्थितियों में संकरे होते हैं; इनकी गणना से आयु और जलवायु जानकारी मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पादपों में विभज्योतक और स्थायी ऊतक में मुख्य अंतर क्या है?
विभज्योतक कोशिकाएँ विभाजन में सक्षम होती हैं, इनमें अंतराकोशिक स्थान और रसधानियाँ नहीं होतीं, जबकि स्थायी ऊतक विभज्योतक से विभेदित होकर बने होते हैं, जिनकी कोशिकाएँ विभाजन नहीं करतीं और विशिष्ट कार्य करती हैं।
यदि किसी पादप की एपिडर्मिस पूरी तरह हटा दी जाए तो क्या होगा?
एपिडर्मिस सुरक्षा, जल-हानि रोकने और गैस विनिमय में सहायक होती है। इसके हटने से पादप संक्रमण, अत्यधिक वाष्पोत्सर्जन और यांत्रिक क्षति का शिकार हो सकता है, जो उसके अस्तित्व के लिए घातक हो सकता है।
प्याज की जड़ों के सिरे काट देने पर मुख्य जड़ की लंबाई वृद्धि क्यों रुक जाती है?
जड़ों के सिरे पर शीर्षस्थ विभज्योतक होता है, जो कोशिका विभाजन द्वारा नई कोशिकाएँ बनाकर जड़ की लंबाई बढ़ाता है। सिरे कटने पर यह ऊतक हट जाता है, अतः लंबाई वृद्धि रुक जाती है। बाद में पार्श्व विभज्योतक सक्रिय होकर शाखाएँ उत्पन्न कर सकता है।
वार्षिक वलय क्या हैं और ये पिछली जलवायु का संकेत कैसे देते हैं?
वार्षिक वलय पादप के तने में द्वितीयक वृद्धि (संवहन एधा द्वारा) के कारण बनते हैं। हर वर्ष वसंत काष्ठ (अधिक चौड़ी कोशिकाएँ) और शरद काष्ठ (संकीर्ण कोशिकाएँ) का निर्माण होता है। इनकी चौड़ाई में भिन्नता उस वर्ष की जलवायु दशाओं (वर्षा, ताप) पर निर्भर करती है, जिससे सूखे या अनुकूल मौसम का पता लगाया जा सकता है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन