कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
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qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 6 (“बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 9 विज्ञान का अध्याय 6, 'बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं', एक महत्वपूर्ण अध्याय है जो हमें बल और गति के बीच संबंध समझने में मदद करता है। इस अध्याय में आप सीखेंगे कि बल क्या होता है, यह कैसे किसी वस्तु की गति की अवस्था को बदल सकता है – या तो स्थिर वस्तु को गतिशील बना कर, या गतिशील वस्तु की चाल या दिशा बदल कर। मुख्य अवधारणाओं में संतुलित और असंतुलित बल शामिल हैं। जब किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का परिणामी बल शून्य होता है, तो बलों को संतुलित कहते हैं और वस्तु अपनी वर्तमान अवस्था में रहती है – या तो स्थिर या एकसमान गति में। दूसरी ओर, यदि परिणामी बल शून्य न हो, तो बल असंतुलित होते हैं और इससे वस्तु की गति में परिवर्तन (त्वरण) आता है। इसके अतिरिक्त, आप सीखेंगे कि एक से अधिक बल एक साथ लगने पर नेट बल या परिणामी बल की गणना कैसे की जाती है – समान दिशा में बलों को जोड़ा जाता है और विपरीत दिशा में बड़े बल में से छोटे को घटाया जाता है। यह अध्याय बहुत से व्यावहारिक उदाहरणों से भरा है जैसे रस्साकशी का खेल, कार पर धकेलने वाले बल, और गुरुत्वाकर्षण बल की दिशा। परीक्षा में प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्नों में (a) संतुलित बल को परिभाषा और उदाहरण, (b) दो बलों से नेट बल ज्ञात करना, (c) किसी स्थिति में बलों के संतुलित या असंतुलित होने का कारण बताना, और (d) गुरुत्वीय बल की दिशा से संबंधित अवधारणात्मक प्रश्न शामिल हैं। इस अध्याय को अच्छी तरह से समझने के लिए नियमित अभ्यास और स्पष्ट अवधारणाएँ आवश्यक हैं।
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विज्ञान — बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
खंड क
- 1.1
पृथ्वी किसी वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल (भार) किस दिशा में लगाती है?
(a) ऊपर की ओर(b) नीचे की ओर(c) क्षैतिज रूप से(d) सभी दिशाओं में - 2.1
एक भारोत्तोलक बारबेल को स्थिर रखता है। अचानक वह इसे ऊपर की ओर त्वरित करता है। इस क्षण, बारबेल पर लगने वाले बलों के बारे में क्या सत्य है?
(a) भारोत्तोलक द्वारा ऊपर की ओर बल, भार के बराबर है(b) भारोत्तोलक द्वारा ऊपर की ओर बल, भार से अधिक है(c) भार, ऊपर की ओर बल से अधिक है(d) कोई बल कार्य नहीं करता - 3.1
रस्साकशी के खेल में, यदि दोनों टीमें समान बल लगाती हैं, तो रस्सी पर नेट बल कितना होगा?
(a) धनात्मक(b) दोनों बलों के योग के बराबर(c) दोनों बलों के अंतर के बराबर(d) शून्य
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
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- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. पृथ्वी किसी वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल (भार) किस दिशा में लगाती है?
1 अंक(A) ऊपर की ओर(B) नीचे की ओर(C) क्षैतिज रूप से(D) सभी दिशाओं में▸ उत्तर▾ उत्तर
नीचे की ओर
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. एक भारोत्तोलक बारबेल को स्थिर रखता है। अचानक वह इसे ऊपर की ओर त्वरित करता है। इस क्षण, बारबेल पर लगने वाले बलों के बारे में क्या सत्य है?
1 अंक(A) भारोत्तोलक द्वारा ऊपर की ओर बल, भार के बराबर है(B) भारोत्तोलक द्वारा ऊपर की ओर बल, भार से अधिक है(C) भार, ऊपर की ओर बल से अधिक है(D) कोई बल कार्य नहीं करता▸ उत्तर▾ उत्तर
भारोत्तोलक द्वारा ऊपर की ओर बल, भार से अधिक है
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. रस्साकशी के खेल में, यदि दोनों टीमें समान बल लगाती हैं, तो रस्सी पर नेट बल कितना होगा?
1 अंक(A) धनात्मक(B) दोनों बलों के योग के बराबर(C) दोनों बलों के अंतर के बराबर(D) शून्य▸ उत्तर▾ उत्तर
शून्य
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. एक वस्तु पर 8 N और 3 N के दो बल विपरीत दिशा में कार्य करते हैं। नेट बल का परिमाण और दिशा क्या होगी?
1 अंक(A) 11 N, 8 N वाले बल की दिशा में(B) 5 N, 8 N वाले बल की दिशा में(C) 5 N, 3 N वाले बल की दिशा में(D) 11 N, 3 N वाले बल की विपरीत दिशा में▸ उत्तर▾ उत्तर
5 N, 8 N वाले बल की दिशा में
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): क्रिया और प्रतिक्रिया बल परस्पर निरस्त हो जाते हैं क्योंकि वे समान परिमाण व विपरीत दिशा में होते हैं। कारण (R): क्रिया-प्रतिक्रिया बल अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।
- लघु उत्तरीय
Q6. एक लकड़ी का गुटका खुरदरी क्षैतिज सतह पर रखा है। जब उस पर एक निश्चित क्षैतिज बल लगाया जाता है, तो वह नहीं हिलता। किंतु सतह पर तेल लगाने के पश्चात वही बल लगाने पर गुटका गति करने लगता है। बलों के संतुलन और घर्षण के आधार पर इसका कारण बताइए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
प्रारंभ में खुरदरी सतह पर अधिकतम घर्षण बल लगाए गए बल के बराबर था, इसलिए कुल बल शून्य रहा और गुटका नहीं हिला। तेल लगाने पर सतह चिकनी हो गई और घर्षण बल कम हो गया, अतः लगाया गया बल घर्षण से अधिक हो गया और कुल बल शून्य न रहने के कारण गुटका गति करने लगा।
- लघु उत्तरीय
Q7. बल की परिभाषा लिखिए तथा इसका SI मात्रक बताइए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
बल वह बाह्य कारक है जो किसी वस्तु की गति की अवस्था या आकार में परिवर्तन कर सकता है। इसका SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- लघु उत्तरीय
Q8. एक भारी पुस्तक मेज पर रखी है। इस पर लगने वाले सभी बलों की व्याख्या कीजिए और बताइए कि यह विराम में क्यों रहती है। यदि मेज को अचानक तेजी से हटा लिया जाए, तो पुस्तक का क्या होगा? इसे न्यूटन के प्रथम नियम से जोड़कर समझाइए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
पुस्तक पर दो बल कार्य करते हैं: (1) भार (गुरुत्वाकर्षण बल), नीचे की ओर, (2) मेज द्वारा आरोपित अभिलम्ब बल, ऊपर की ओर। ये बल परिमाण में बराबर और विपरीत दिशा में हैं, जिससे नेट बल शून्य है। इसलिए पुस्तक संतुलित बलों के कारण विराम में रहती है। जब मेज अचानक हटाई जाती है, तो अभिलम्ब बल समाप्त हो जाता है, परन्तु पुस्तक का भार अब भी नीचे की ओर कार्यरत है। न्यूटन के प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) के अनुसार, पुस्तक विराम की अवस्था में रहने की प्रवृत्ति रखती है, इसलिए वह तुरंत नीचे गिरना शुरू नहीं करेगी, बल्कि अपने स्थान पर बनी रहेगी और फिर गुरुत्व के कारण नीचे गिरेगी। (दूसरे शब्दों में, पुस्तक का जड़त्व उसे अपनी मूल स्थिति में बनाए रखता है, जिससे वह मेज के साथ नहीं हटती और नीचे गिर जाती है।)
- लघु उत्तरीय
Q9. संतुलित बल किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए जहाँ किसी वस्तु पर संतुलित बल कार्य कर रहे हों।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
जब किसी वस्तु पर दो या दो से अधिक बल कार्य करते हैं और उनका नेट बल शून्य होता है, तो उन्हें संतुलित बल कहते हैं। संतुलित बल वस्तु की विराम की अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में कोई परिवर्तन नहीं करते। उदाहरण: मेज पर रखी पुस्तक पर नीचे की ओर गुरुत्वाकर्षण बल और ऊपर की ओर मेज द्वारा आरोपित अभिलम्ब बल कार्य करते हैं। ये दोनों बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत हैं, इसलिए पुस्तक स्थिर रहती है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. 5 kg द्रव्यमान के एक गुटके पर दो बल एक साथ कार्य करते हैं: पहला बल 20 N पूर्व दिशा में और दूसरा बल 8 N पश्चिम दिशा में। गुटके पर लगने वाले कुल बल का परिमाण एवं दिशा ज्ञात कीजिए। इस कुल बल के कारण उत्पन्न त्वरण की गणना कीजिए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
कुल बल = 20 N (पूर्व) - 8 N (पश्चिम) = 12 N (पूर्व दिशा में)। त्वरण (a) = कुल बल / द्रव्यमान = 12 N / 5 kg = 2.4 m/s² (पूर्व दिशा में)।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. एक 800 kg द्रव्यमान की कार सीधी सड़क पर 25 m/s की स्थिर चाल से चल रही है। इस स्थिति में इंजन द्वारा लगाया गया बल 1600 N है। (a) कार पर लगने वाला कुल घर्षण बल (वायु प्रतिरोध सहित) कितना है और किस दिशा में है? (b) यदि इंजन का बल अचानक बढ़कर 2400 N हो जाए और घर्षण बल पूर्ववत रहे, तो कार का त्वरण ज्ञात कीजिए। (c) इंजन बल बढ़ने के 5 सेकंड पश्चात कार की चाल क्या होगी?
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
(a) चूँकि कार स्थिर वेग से चल रही है, अतः कुल बल शून्य है। इसलिए घर्षण बल, इंजन बल के बराबर एवं विपरीत दिशा में होगा: 1600 N, गति की विपरीत दिशा में। (b) नया कुल बल = 2400 N - 1600 N = 800 N (गति की दिशा में)। त्वरण a = F / m = 800 N / 800 kg = 1 m/s²। (c) प्रारंभिक वेग u = 25 m/s, a = 1 m/s², t = 5 s, अतः v = u + a t = 25 + 1 × 5 = 30 m/s।
- केस स्टडी
Q12. दो व्यक्ति एक रुकी हुई कार को एक ही दिशा में धकेल रहे हैं। एक व्यक्ति 250 N का बल लगाता है और दूसरा 150 N का। कार और सड़क के बीच घर्षण बल 100 N है जो गति का विरोध करता है। कार का द्रव्यमान 800 kg है।
4 अंक- (i) कार पर कार्यरत कुल बल की गणना कीजिए।2 अंक
- (ii) कार का त्वरण ज्ञात कीजिए।2 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
(i) कार पर कुल बल 300 N आगे की ओर है। (ii) कार का त्वरण 0.375 m/s² है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एक वस्तु स्थिर क्यों रहती है जब उस पर संतुलित बल लगते हैं?
जब वस्तु पर लगने वाले सभी बल एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं, तो नेट बल शून्य हो जाता है। शून्य नेट बल होने पर वस्तु अपनी अवस्था में बनी रहती है – यदि स्थिर है तो स्थिर रहेगी, यदि गतिशील है तो समान वेग से चलती रहेगी।
दो बल 5 N और 8 N एक ही वस्तु पर लग रहे हैं। यदि वे समान दिशा में लगें तो परिणामी बल कितना होगा?
समान दिशा में लगने पर बलों का योग होता है: 5 N + 8 N = 13 N, और दिशा वही रहेगी।
रस्साकशी के खेल में, यदि दोनों टीमें समान बल लगाएँ, तो रस्सी क्यों नहीं हिलती?
क्योंकि दोनों बल परिमाण में समान परन्तु विपरीत दिशा में हैं, इसलिए नेट बल शून्य हो जाता है। शून्य बल होने पर रस्सी में कोई असंतुलित बल नहीं है जो उसे गति प्रदान करे।
क्या गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा नीचे की ओर होता है?
हाँ, पृथ्वी किसी भी वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के केंद्र की ओर लगाती है, जो सतह पर खड़े व्यक्ति के लिए नीचे की दिशा होती है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन