कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
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qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 10 (“ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
अध्याय 10 "ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग" कक्षा 9 विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अध्याय है जो ध्वनि के उत्पादन, संचरण और उसकी विशेषताओं पर केंद्रित है। इसमें विद्यार्थी सीखते हैं कि ध्वनि कंपन द्वारा उत्पन्न होती है और इसे संचरित होने के लिए ठोस, द्रव या गैस जैसे माध्यम की आवश्यकता होती है। स्लिंकी की सहायता से अनुदैर्घ्य तरंगों में संपीडन और विरलन की अवधारणा को स्पष्ट किया गया है। तरंग की आवृत्ति, आयाम, तरंगदैर्घ्य और वेग जैसी विशेषताएँ ध्वनि की प्रबलता, तारत्व और गुणता निर्धारित करती हैं। ध्वनि का परावर्तन, प्रतिध्वनि और अनुरण जैसी परिघटनाओं के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड के चिकित्सीय और औद्योगिक अनुप्रयोग भी इस अध्याय में शामिल हैं।
इस अध्याय से CBSE परीक्षा में कई प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) में कंपन की पहचान, ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम की भूमिका और मानव श्रव्य परास जैसे बिंदु शामिल होते हैं। लघु उत्तरीय प्रश्नों में दैनिक जीवन के उदाहरणों द्वारा अवधारणाओं की व्याख्या, जैसे किसी मेज पर खटखटाने पर ध्वनि का तेज सुनाई देना, या अंतरिक्ष में ध्वनि संचरण न होने का कारण पूछा जाता है। साथ ही, आंकिक प्रश्नों में ध्वनि की चाल, आवृत्ति और तरंगदैध्र्य पर आधारित गणनाएँ होती हैं, उदाहरण के लिए किसी चट्टान से टकराकर प्रतिध्वनि सुनाई देने का समय ज्ञात करना।
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विज्ञान — ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
खंड क
- 1.1
मानव शरीर में ध्वनि उत्पन्न करने वाला भाग कौन-सा है?
(a) नासिका(b) स्वरयंत्र (वॉइस बॉक्स)(c) कान का पर्दा(d) फेफड़े - 2.1
एक कुआँ 125 m गहरा है। एक पत्थर को कुँए के मुँह से गिराया जाता है। यदि g = 10 m/s² और ध्वनि की चाल 340 m/s हो, तो पत्थर के गिराने से लेकर पानी से टकराने की ध्वनि सुनाई देने तक लगभग कितना समय लगेगा?
(a) 5.37 s(b) 5.00 s(c) 0.37 s(d) 5.67 s - 3.1
एक स्वरित्र द्विभुज (tuning fork) 400 Hz की आवृत्ति का ध्वनि उत्पन्न करता है। यह पहले वायु में (चाल 340 m/s) और फिर जल में (चाल 1500 m/s) बजाया जाता है। दोनों स्थितियों में तरंगदैर्ध्य क्रमश: होंगी:
(a) 0.85 m और 3.75 m(b) 0.85 m और 0.85 m(c) 3.75 m और 0.85 m(d) 3.75 m और 3.75 m
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
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- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. मानव शरीर में ध्वनि उत्पन्न करने वाला भाग कौन-सा है?
1 अंक(A) नासिका(B) स्वरयंत्र (वॉइस बॉक्स)(C) कान का पर्दा(D) फेफड़े▸ उत्तर▾ उत्तर
स्वरयंत्र (वॉइस बॉक्स)
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. एक कुआँ 125 m गहरा है। एक पत्थर को कुँए के मुँह से गिराया जाता है। यदि g = 10 m/s² और ध्वनि की चाल 340 m/s हो, तो पत्थर के गिराने से लेकर पानी से टकराने की ध्वनि सुनाई देने तक लगभग कितना समय लगेगा?
1 अंक(A) 5.37 s(B) 5.00 s(C) 0.37 s(D) 5.67 s▸ उत्तर▾ उत्तर
5.37 s
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. एक स्वरित्र द्विभुज (tuning fork) 400 Hz की आवृत्ति का ध्वनि उत्पन्न करता है। यह पहले वायु में (चाल 340 m/s) और फिर जल में (चाल 1500 m/s) बजाया जाता है। दोनों स्थितियों में तरंगदैर्ध्य क्रमश: होंगी:
1 अंक(A) 0.85 m और 3.75 m(B) 0.85 m और 0.85 m(C) 3.75 m और 0.85 m(D) 3.75 m और 3.75 m▸ उत्तर▾ उत्तर
0.85 m और 3.75 m
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. जब आप किसी मेज पर धीरे से खटखटाते हैं और अपना कान मेज पर रखकर सुनते हैं, तो ध्वनि तेज सुनाई देती है, क्योंकि:
1 अंक(A) ठोसों में ध्वनि की चाल द्रवों से कम होती है(B) ठोसों में ध्वनि की चाल गैसों से कम होती है(C) ठोसों के कण पास-पास होते हैं, जिससे कंपन का स्थानांतरण तेजी से होता है(D) ठोस ध्वनि को अवशोषित नहीं करते▸ उत्तर▾ उत्तर
ठोसों के कण पास-पास होते हैं, जिससे कंपन का स्थानांतरण तेजी से होता है
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): यदि एक बड़ी चिकनी दीवार ध्वनि स्रोत से 20 मीटर दूर हो, तो स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनी जा सकती है। कारण (R): प्रतिध्वनि उत्पन्न करने के लिए परावर्तक सतह का खुरदरा होना आवश्यक है।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।
- लघु उत्तरीय
Q6. क्या ध्वनि निर्वात में संचरित हो सकती है? एक उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
नहीं, ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती। उदाहरण: निर्वात घंटी जार प्रयोग में, जब जार से वायु पूरी तरह निकाल ली जाती है, तो उसमें रखी घंटी की ध्वनि सुनाई देना बंद हो जाती है।
- लघु उत्तरीय
Q7. ध्वनि उत्पन्न करने के लिए क्या आवश्यक होता है?
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
किसी वस्तु में कंपन होना आवश्यक है।
- लघु उत्तरीय
Q8. निर्वात में ध्वनि का संचरण क्यों संभव नहीं है? समझाइए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
निर्वात में कोई भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) नहीं होता, इसलिए ध्वनि तरंगों को उत्पन्न और संचरित करने के लिए कण नहीं होते। ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है जिसे संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। इसलिए निर्वात में ध्वनि नहीं सुनी जा सकती।
- लघु उत्तरीय
Q9. दो अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में स्पेसवॉक के दौरान एक-दूसरे को स्पर्श कर रहे हैं। क्या वे एक-दूसरे की आवाज सुन सकते हैं? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
हाँ, यदि अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे को स्पर्श कर रहे हैं, तो वे ध्वनि सुन सकते हैं। इसकी पुष्टि: अंतरिक्ष में निर्वात होने के कारण वायु नहीं है, लेकिन स्पर्श होने पर ध्वनि ठोस माध्यम (उनके स्पेससूट और शरीर) से होकर गुजर सकती है। ध्वनि ठोसों में संचरित हो सकती है, इसलिए कंपन एक यात्री के शरीर से दूसरे के कान तक पहुँच सकती है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. एक ध्वनि तरंग की आवृत्ति 512 Hz है और वायु में ध्वनि की चाल 340 m/s है। इस तरंग का तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए। यदि यही ध्वनि तरंग जल में संचरित हो, जहाँ ध्वनि की चाल 1500 m/s है, तो तरंगदैर्घ्य में कितना परिवर्तन होगा?
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
वायु में तरंगदैर्घ्य λ₁ = v_air / f = 340 m/s / 512 Hz = 0.664 m (लगभग 0.66 m)। जल में तरंगदैर्घ्य λ₂ = v_water / f = 1500 m/s / 512 Hz = 2.93 m (लगभग 2.93 m)। अतः तरंगदैर्घ्य में वृद्धि = λ₂ - λ₁ = 2.93 m - 0.66 m = 2.27 m (लगभग)।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. एक जहाज समुद्र में सोनार तकनीक का उपयोग करता है। वह जल में 1530 m/s की चाल से पराध्वनिक तरंगें भेजता है। 0.8 s पश्चात जहाज को समुद्र तल से परावर्तित प्रतिध्वनि प्राप्त होती है। समुद्र की गहराई ज्ञात कीजिए। यदि दूसरे बिंदु पर प्रतिध्वनि लौटने में 0.6 s लगता है, तो गहराई में कमी या वृद्धि कितनी होगी?
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
प्रथम स्थान: दूरी (गहराई), d₁ = (v × t₁)/2 = (1530 m/s × 0.8 s)/2 = 612 m। द्वितीय स्थान: d₂ = (v × t₂)/2 = (1530 m/s × 0.6 s)/2 = 459 m। गहराई में कमी = d₁ - d₂ = 612 m - 459 m = 153 m।
- केस स्टडी
Q12. रजत ने एक खाली डिब्बे के खुले सिरे पर एक रबर बैंड कसकर बाँधा। जब उसने रबर बैंड को उँगली से खींचकर छोड़ा, तो ध्वनि उत्पन्न हुई और रबर बैंड काँपता हुआ दिखाई दिया। कुछ देर बाद कंपन बंद हो गया और ध्वनि भी बंद हो गई। रजत ने रबर बैंड का तनाव बदलकर पुनः प्रयोग किया।
4 अंक- (i) रबर बैंड से ध्वनि उत्पन्न होने का कारण क्या है?2 अंक
- (ii) ध्वनि बंद होने पर क्या होता है?2 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
ध्वनि वस्तु के कंपन से उत्पन्न होती है और जब कंपन रुकता है तो ध्वनि भी बंद हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ध्वनि उत्पन्न करने के लिए क्या आवश्यक है?
ध्वनि उत्पन्न करने के लिए वस्तु में कंपन होना आवश्यक है। जब कोई वस्तु कंपन करती है, तो वह अपने आस-पास के माध्यम के कणों को भी कंपित करती है, जिससे ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं।
ध्वनि तरंगें अनुदैर्घ्य तरंगें होती हैं। स्लिंकी की सहायता से इसे कैसे समझाया जा सकता है?
स्लिंकी को एक सिरे से आगे-पीछे करने पर कुंडलियों के संपीडन और विरलन बनते हैं, जो माध्यम में ध्वनि तरंगों के संचरण को दर्शाते हैं। संपीडन वह क्षेत्र है जहाँ कण आपस में निकट होते हैं और विरलन वह क्षेत्र है जहाँ कण दूर होते हैं। यह ध्वनि की अनुदैर्घ्य तरंग प्रकृति को स्पष्ट करता है।
प्रतिध्वनि सुनने के लिए न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए और क्यों?
प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह से ध्वनि स्रोत की न्यूनतम दूरी लगभग 17.2 मीटर होनी चाहिए। इसका कारण यह है कि मानव कान पर ध्वनि का प्रभाव 0.1 सेकंड तक बना रहता है, और 20°C पर ध्वनि की चाल 344 m/s होती है। इतने समय में ध्वनि द्वारा तय की गई दूरी (344 × 0.1 = 34.4 m) का आधा 17.2 m है, ताकि मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि को अलग-अलग पहचाना जा सके।
अल्ट्रासोनिक ध्वनि के दो महत्वपूर्ण अनुप्रयोग क्या हैं?
अल्ट्रासोनिक ध्वनि (20,000 Hz से अधिक आवृत्ति) का उपयोग चिकित्सा में अल्ट्रासोनोग्राफी द्वारा शरीर के आंतरिक अंगों की जाँच करने और औद्योगिक क्षेत्र में मशीनों के दुर्गम भागों की सफाई करने में किया जाता है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन