कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
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qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 1 (“अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 9 की एनसीईआरटी विज्ञान पाठ्यपुस्तक का पहला अध्याय 'अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश' विज्ञान की कार्यप्रणाली का एक रोचक परिचय है। यह अध्याय विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, मॉडलों के निर्माण और परीक्षण, तथा प्रेक्षणों और पूर्वकथनों के बीच संबंध को समझने में मदद करता है। इसमें आप सीखते हैं कि कैसे वैज्ञानिक किसी परिघटना का सरल प्रतिरूप (मॉडल) बनाते हैं और क्यों कुछ चीज़ों को शामिल करना या नज़रअंदाज़ करना ज़रूरी होता है। उदाहरण के लिए, चाय के ठंडा होने या साइकिल की यात्रा के मॉडल बनाने के लिए सही चरों का चयन। अध्याय वैज्ञानिक नियम, सिद्धांत (theory) और सिद्धांत (principle) के बीच स्पष्ट अंतर बताता है, जिससे विद्यार्थी इन शब्दों का दुरुपयोग न करें। इसके अलावा, यह इस महत्वपूर्ण पहलू पर ज़ोर देता है कि जब पूर्वकथन प्रेक्षणों से मेल नहीं खाते, तो इसे विज्ञान की कमज़ोरी नहीं बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है, क्योंकि इससे सिद्धांतों को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। परीक्षा की दृष्टि से, इस अध्याय से प्रायः अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे – किसी दी गई स्थिति के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करना, मॉडल की सीमाओं की पहचान करना, तथा वैज्ञानिक प्रक्रिया पर तार्किक चर्चा करना। अतः यह अध्याय विज्ञान को एक जड़ सूचना-संग्रह के बजाय एक जीवंत, आत्म-सुधार करने वाली प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है।
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विज्ञान — अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
खंड क
- 1.1
वैज्ञानिक सिद्धांत (theory) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(a) यह एक अनुमान है जिसका परीक्षण नहीं किया गया(b) यह प्रमाणों पर आधारित व्याख्या है(c) यह एक अंतिम सत्य है जिसे कभी बदला नहीं जा सकता(d) यह केवल एक गणितीय सूत्र है - 2.1
वैश्विक स्तर पर मानक इकाइयों (SI units) के उपयोग का मुख्य लाभ क्या है?
(a) इससे गणनाएँ अधिक जटिल हो जाती हैं(b) इससे भ्रम से बचा जा सकता है और वैज्ञानिक परिणामों की तुलना आसान हो जाती है(c) यह केवल व्यापार को सुगम बनाता है(d) यह हर देश को अपनी इकाइयाँ बनाने की अनुमति देता है - 3.1
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एक अनुमान (guess) के बजाय प्रमाण-आधारित वैज्ञानिक पूर्वकथन को दर्शाता है?
(a) मुझे लगता है कि कल बारिश होगी क्योंकि मुझे बारिश पसंद है।(b) पिछले तीन दिनों से आर्द्रता 90% से ऊपर है और हवा का दबाव गिर रहा है, इसलिए कल बारिश होने की संभावना है।(c) मेरे दादाजी ने कहा कि अगर सुबह लाल आसमान हो तो बारिश होगी।(d) जब भी मैं छाता भूलता हूँ, बारिश हो जाती है, इसलिए कल भी बारिश होगी।
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
अभ्यास व पुनरावृत्ति के लिए असली, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — हर प्रश्न उत्तर सहित। असीमित प्रश्नों के लिए पूरा प्रश्नपत्र बनाएँ।
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. वैज्ञानिक सिद्धांत (theory) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
1 अंक(A) यह एक अनुमान है जिसका परीक्षण नहीं किया गया(B) यह प्रमाणों पर आधारित व्याख्या है(C) यह एक अंतिम सत्य है जिसे कभी बदला नहीं जा सकता(D) यह केवल एक गणितीय सूत्र है▸ उत्तर▾ उत्तर
यह प्रमाणों पर आधारित व्याख्या है
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. वैश्विक स्तर पर मानक इकाइयों (SI units) के उपयोग का मुख्य लाभ क्या है?
1 अंक(A) इससे गणनाएँ अधिक जटिल हो जाती हैं(B) इससे भ्रम से बचा जा सकता है और वैज्ञानिक परिणामों की तुलना आसान हो जाती है(C) यह केवल व्यापार को सुगम बनाता है(D) यह हर देश को अपनी इकाइयाँ बनाने की अनुमति देता है▸ उत्तर▾ उत्तर
इससे भ्रम से बचा जा सकता है और वैज्ञानिक परिणामों की तुलना आसान हो जाती है
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन एक अनुमान (guess) के बजाय प्रमाण-आधारित वैज्ञानिक पूर्वकथन को दर्शाता है?
1 अंक(A) मुझे लगता है कि कल बारिश होगी क्योंकि मुझे बारिश पसंद है।(B) पिछले तीन दिनों से आर्द्रता 90% से ऊपर है और हवा का दबाव गिर रहा है, इसलिए कल बारिश होने की संभावना है।(C) मेरे दादाजी ने कहा कि अगर सुबह लाल आसमान हो तो बारिश होगी।(D) जब भी मैं छाता भूलता हूँ, बारिश हो जाती है, इसलिए कल भी बारिश होगी।▸ उत्तर▾ उत्तर
पिछले तीन दिनों से आर्द्रता 90% से ऊपर है और हवा का दबाव गिर रहा है, इसलिए कल बारिश होने की संभावना है।
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. एक विद्यार्थी एक गिरते हुए पंख का मॉडल बनाता है और वायु प्रतिरोध को अनदेखा करता है। उसका मॉडल बताता है कि पंख एक पत्थर के समान तेज़ी से गिरेगा, लेकिन वास्तविक प्रेक्षण में पंख धीरे-धीरे गिरता है। यह स्थिति क्या दर्शाती है?
1 अंक(A) मॉडल पूरी तरह से गलत है और इसका कोई उपयोग नहीं है(B) मॉडल की सीमाएँ होती हैं और कभी-कभी अनदेखे किए गए कारक महत्वपूर्ण हो जाते हैं(C) प्रेक्षण पर भरोसा नहीं करना चाहिए(D) पंख और पत्थर का द्रव्यमान समान है▸ उत्तर▾ उत्तर
मॉडल की सीमाएँ होती हैं और कभी-कभी अनदेखे किए गए कारक महत्वपूर्ण हो जाते हैं
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): मान लीजिए एक विमान में ईंधन भरते समय पाउंड को किलोग्राम समझ लिया जाए, तो यह एक इकाई संबंधी त्रुटि का उदाहरण है जो गंभीर परिणाम दे सकती है। कारण (R): एसआई इकाइयों का उपयोग करने से मापन में एकरूपता आती है और इस तरह की गलतियों से बचा जा सकता है।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
- लघु उत्तरीय
Q6. वैज्ञानिक सिद्धांतों को अस्थायी (provisional) क्यों माना जाता है? एक ऐसे ऐतिहासिक उदाहरण का संक्षिप्त वर्णन कीजिए जहाँ किसी सिद्धांत में संशोधन करना पड़ा।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
वैज्ञानिक सिद्धांत अस्थायी होते हैं क्योंकि वे उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित व्याख्याएँ हैं। जब नए प्रमाण मिलते हैं या मापन अधिक सटीक होते हैं, तो सिद्धांतों को सुधारना या बदलना पड़ सकता है। उदाहरण: परमाणु मॉडल का विकास – डाल्टन के अविभाज्य परमाणु से लेकर रदरफोर्ड के नाभिकीय मॉडल और फिर बोर के कक्षीय मॉडल तक; जैसे-जैसे प्रयोगात्मक प्रमाण मिले, मॉडल बदलता गया।
- लघु उत्तरीय
Q7. मान लीजिए आप एक सरल लोलक (pendulum) की गति का मॉडल बना रहे हैं। उन कारकों की सूची बनाइए जिन्हें आप मॉडल में शामिल करेंगे और जिन्हें अनदेखा करेंगे। अपने चयन का कारण बताइए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
शामिल करने वाले कारक: लोलक की लंबाई, गुरुत्वीय त्वरण (g), आयाम (छोटे कोण के लिए)। अनदेखा करने वाले कारक: वायु प्रतिरोध, धागे का द्रव्यमान और घर्षण। कारण: छोटे आयाम के लोलक की अवधि मुख्यतः लंबाई और g पर निर्भर करती है। वायु प्रतिरोध और घर्षण का प्रभाव कम होता है, और धागे का द्रव्यमान नगण्य माना जा सकता है ताकि मॉडल सरल रहे और मूल संबंध को समझा जा सके।
- लघु उत्तरीय
Q8. विज्ञान में मॉडल क्या होता है? एक उदाहरण दीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
विज्ञान में मॉडल किसी जटिल वास्तविक प्रणाली का सरलीकृत प्रतिनिधित्व होता है, जो केवल उन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है जो किसी प्रश्न के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उदाहरण: गिरती हुई वस्तु की गति का अध्ययन करने के लिए वायु प्रतिरोध को अनदेखा करना।
- लघु उत्तरीय
Q9. विज्ञान में मानक इकाइयों का उपयोग क्यों आवश्यक है? एक कारण लिखिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
मानक इकाइयों का उपयोग इसलिए आवश्यक है ताकि विभिन्न स्थानों और समय पर किए गए मापनों की तुलना बिना किसी भ्रम के की जा सके। यह वैज्ञानिक संचार में स्पष्टता और सटीकता सुनिश्चित करता है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. मेघनाद साहा ने तारों के प्रकाश का अध्ययन करते समय सरलीकरण का उपयोग कैसे किया? उनके द्वारा अपनाए गए सरलीकरण और उनके निष्कर्षों की सीमाओं पर चर्चा कीजिए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
मेघनाद साहा ने तारों को एक गर्म गैस के रूप में सरलीकृत किया और केवल तापमान, दाब और आयनन पर ध्यान दिया। उन्होंने जटिल रासायनिक अभिक्रियाओं और आंतरिक गतियों की अनदेखी की। इस सरलीकरण से उन्होंने तारों के रंग और तापमान के बीच गहरा संबंध समझाया। सीमाएँ: यह प्रतिरूप तारों की विस्तृत आंतरिक संरचना या उच्च घनत्व वाली स्थितियों में ठीक से काम नहीं करता; यह केवल एक मोटा विवरण देता है। परन्तु यह एक शक्तिशाली प्रारंभिक कदम था।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. वैज्ञानिक प्रतिरूप (model) किसे कहते हैं? वैज्ञानिक अध्ययन में सरलीकरण क्यों आवश्यक है? एक उदाहरण देकर समझाइए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
वैज्ञानिक प्रतिरूप एक सरलीकृत तरीका है जिसमें वास्तविक तंत्र के केवल महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है और अन्य विवरणों की अनदेखी की जाती है। सरलीकरण आवश्यक है क्योंकि प्राकृतिक दुनिया जटिल है, और सब कुछ शामिल करने पर अध्ययन करना असंभव हो जाता है। उदाहरण: क्रिकेट गेंद की गति का अध्ययन करते समय हम उसका द्रव्यमान, चाल और दिशा शामिल करते हैं, लेकिन गेंद का रंग या बल्ले का ब्रांड अनदेखा करते हैं। इससे हम मूल प्रश्न का उत्तर आसानी से पा सकते हैं।
- केस स्टडी
Q12. रमेश और उसके दोस्त स्कूल के बाद पार्क में पिकनिक मनाने की योजना बना रहे हैं। रमेश कहता है, "कल मौसम बहुत अच्छा रहेगा क्योंकि आज शाम को आसमान लाल था।" उसकी मित्र सीमा सोचती है कि यह भविष्यवाणी वैज्ञानिक नहीं है।
4 अंक- (i) सीमा रमेश से ऐसे कौन से दो प्रश्न पूछ सकती है जो इस भविष्यवाणी को अधिक परीक्षण योग्य बनाएँ?2 अंक
- (ii) यदि अगले दिन बारिश हो जाए, तो क्या इसका अर्थ है कि रमेश की सारी सोच गलत थी? वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उत्तर दीजिए।2 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
(i) सीमा पूछ सकती है: "पिछली बार जब आसमान लाल था, तब मौसम कैसा था?" और "क्या आज का तापमान और आर्द्रता पिछली बार जैसी है?" (ii) नहीं, गलत भविष्यवाणी विचारों को पूर्णतः गलत नहीं ठहराती; यह समीक्षा का अवसर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैज्ञानिक नियम, सिद्धांत (theory) और सिद्धांत (principle) में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
वैज्ञानिक नियम किसी प्राकृतिक घटना का गणितीय वर्णन होता है, जैसे न्यूटन का गति का दूसरा नियम (F = ma)। वैज्ञानिक सिद्धांत (theory) किसी परिघटना की व्यापक व्याख्या होती है जिसका परीक्षण किया जा चुका है, जैसे विकास का सिद्धांत। वैज्ञानिक सिद्धांत (principle) एक मूलभूत नियम या मान्यता है जिस पर अन्य चीज़ें आधारित होती हैं, जैसे ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत। सरल शब्दों में: नियम बताता है 'क्या होता है', थ्योरी बताती है 'क्यों होता है', और प्रिंसिपल एक आधारभूत सत्य है।
वैज्ञानिक मॉडल बनाते समय हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मॉडल बनाने के लिए, सबसे पहले हमें यह तय करना होता है कि हम किस प्रश्न का उत्तर ढूँढ रहे हैं। फिर हम उस प्रश्न से संबंधित महत्वपूर्ण कारकों को शामिल करते हैं और अन्य अनावश्यक विवरणों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। एक अच्छे मॉडल में सरलता और उपयोगिता का संतुलन होना चाहिए। उदाहरण के लिए, चाय के ठंडा होने के मॉडल में कप के पदार्थ और प्रारंभिक ताप को शामिल करें, लेकिन वातावरण का सटीक रंग या टेबल की बनावट को अनदेखा करें।
जब वैज्ञानिक पूर्वकथन प्रेक्षणों से मेल नहीं खाते, तो इसे विज्ञान की शक्ति क्यों माना जाता है?
यह स्थिति दर्शाती है कि विज्ञान एक आत्म-सुधार प्रक्रिया है। जब प्रेक्षण पूर्वकथन को गलत साबित करते हैं, तो वैज्ञानिक अपने मॉडल या सिद्धांत में सुधार करते हैं। इससे ज्ञान अधिक सटीक होता जाता है। यदि विज्ञान हर बार अपनी बात पर अड़ा रहता, तो प्रगति रुक जाती। इसलिए गलत साबित होने की क्षमता ही विज्ञान को विश्वसनीय बनाती है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन