कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
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qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13 (“पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 13 'पृथ्वी एक तंत्र – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन' में पृथ्वी को एक परस्पर संबंधित तंत्र के रूप में समझाया गया है जिसमें पाँच प्रमुख गोले – वायुमंडल, जलमंडल, स्थलमंडल, जीवमंडल और हिममंडल – आपस में जुड़े हुए हैं। यह अध्याय बताता है कि सूर्य से आने वाली ऊर्जा इन गोलों के बीच कैसे प्रवाहित होती है और पदार्थ का चक्रण (जैसे कार्बन, नाइट्रोजन चक्र) किस प्रकार जीवन को बनाए रखता है। अहम अवधारणाओं में एल्बिडो (परावर्तन क्षमता), ऊष्मा संतुलन, ग्रीनहाउस प्रभाव और प्रतिक्रिया चक्र शामिल हैं – उदाहरणतः ध्रुवीय बर्फ पिघलने से एल्बिडो कम होता है, जिससे और अधिक ऊष्मा अवशोषित होती है और तापमान बढ़ता है। परीक्षा में इस अध्याय से तथ्यात्मक प्रश्न (पृथ्वी के गोलों के नाम), कारण-आधारित प्रश्न (सड़क के रंग और गर्मी का संबंध), संख्यात्मक समस्याएँ (सौर पैनल का क्षेत्रफल ज्ञात करना) और तार्किक प्रश्न (एल्बिडो परिवर्तन का वैश्विक तापन पर प्रभाव) पूछे जाते हैं। यह आपको पृथ्वी के तंत्रों की गहरी समझ और व्यावहारिक गणनाओं में दक्ष बनने में मदद करता है।
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विज्ञान — पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन
खंड क
- 1.1
पृथ्वी के वायुमंडल में ओज़ोन परत मुख्यतः किस प्रकार के सौर विकिरण को अवशोषित करती है?
(a) अवरक्त विकिरण(b) दृश्य प्रकाश(c) लघु तरंगदैर्ध्य की पराबैंगनी किरणें(d) रेडियो तरंगें - 2.1
सौर स्थिरांक का मान लगभग 1.4 kW/m² है, जबकि साफ़ आसमान में पृथ्वी की सतह पर प्राप्त अधिकतम सूर्यातप लगभग 1 kW/m² ही क्यों होता है?
(a) पृथ्वी की सतह सूर्य से दूर होती है(b) वायुमंडल कुछ विकिरण को अवशोषित और प्रकीर्णित कर देता है(c) सौर पैनलों की दक्षता कम होती है(d) पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र विकिरण को रोकता है - 3.1
पृथ्वी की सतह पर पहुँचने वाले सौर विकिरण की मात्रा को किस शब्द से जाना जाता है?
(a) एल्बिडो(b) सूर्यातप(c) सौर स्थिरांक(d) प्रकीर्णन
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
अभ्यास व पुनरावृत्ति के लिए असली, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — हर प्रश्न उत्तर सहित। असीमित प्रश्नों के लिए पूरा प्रश्नपत्र बनाएँ।
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. पृथ्वी के वायुमंडल में ओज़ोन परत मुख्यतः किस प्रकार के सौर विकिरण को अवशोषित करती है?
1 अंक(A) अवरक्त विकिरण(B) दृश्य प्रकाश(C) लघु तरंगदैर्ध्य की पराबैंगनी किरणें(D) रेडियो तरंगें▸ उत्तर▾ उत्तर
लघु तरंगदैर्ध्य की पराबैंगनी किरणें
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. सौर स्थिरांक का मान लगभग 1.4 kW/m² है, जबकि साफ़ आसमान में पृथ्वी की सतह पर प्राप्त अधिकतम सूर्यातप लगभग 1 kW/m² ही क्यों होता है?
1 अंक(A) पृथ्वी की सतह सूर्य से दूर होती है(B) वायुमंडल कुछ विकिरण को अवशोषित और प्रकीर्णित कर देता है(C) सौर पैनलों की दक्षता कम होती है(D) पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र विकिरण को रोकता है▸ उत्तर▾ उत्तर
वायुमंडल कुछ विकिरण को अवशोषित और प्रकीर्णित कर देता है
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. पृथ्वी की सतह पर पहुँचने वाले सौर विकिरण की मात्रा को किस शब्द से जाना जाता है?
1 अंक(A) एल्बिडो(B) सूर्यातप(C) सौर स्थिरांक(D) प्रकीर्णन▸ उत्तर▾ उत्तर
सूर्यातप
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. सूर्य से पृथ्वी तक आने वाले विकिरण का लगभग 99% भाग निम्नलिखित में से किन तीन तरंगदैर्ध्य क्षेत्रों में केंद्रित होता है?
1 अंक(A) गामा, एक्स-रे और रेडियो(B) पराबैंगनी, दृश्य और अवरक्त(C) सूक्ष्मतरंग, रेडियो और दृश्य(D) एक्स-रे, पराबैंगनी और गामा▸ उत्तर▾ उत्तर
पराबैंगनी, दृश्य और अवरक्त
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): सौर नियतांक का मान लगभग 1.4 किलोवाट प्रति वर्ग मीटर होता है। कारण (R): यह मान पृथ्वी की सतह पर मापा जाता है।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।
- लघु उत्तरीय
Q6. सूर्य के प्रकाश का दृश्य भाग पृथ्वी पर जीवन के लिए क्यों आवश्यक है, जबकि पराबैंगनी भाग हानिकारक हो सकता है?
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
दृश्य प्रकाश प्रकाश-संश्लेषण के लिए ऊर्जा देकर खाद्य श्रृंखला का आधार बनता है और पृथ्वी को जीवनदायी बनाता है। दूसरी ओर, पराबैंगनी विकिरण में उच्च ऊर्जा होती है जो त्वचा कैंसर, आँखों की क्षति और प्रतिरक्षा तंत्र को हानि पहुँचा सकती है।
- लघु उत्तरीय
Q7. पृथ्वी की जलवायु प्रणाली के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
सूर्य पृथ्वी की जलवायु प्रणाली के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
- लघु उत्तरीय
Q8. यदि किसी पर्वतीय क्षेत्र में लगातार कुछ वर्षों तक सामान्य से कम हिमपात हो, तो उस क्षेत्र की नदी के प्रवाह और आसपास की वनस्पति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? स्पष्ट कीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
हिमपात कम होने से हिमनदों के पिघलने से प्राप्त जल की मात्रा घट जाएगी, जिससे गर्मियों में नदी का प्रवाह कम हो जाएगा। जल की कमी से सिंचाई प्रभावित होगी और मृदा में नमी घटेगी, जिससे वनस्पति की वृद्धि रुक सकती है तथा चरागाहों में घास कम उगेगी। इससे पशुओं के चारे की उपलब्धता भी घट सकती है।
- लघु उत्तरीय
Q9. ऐल्बिडो (albedo) से क्या तात्पर्य है? एक उच्च और एक निम्न ऐल्बिडो वाली सतह का उदाहरण दीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
किसी सतह द्वारा परावर्तित सौर विकिरण के अंश को उस सतह का ऐल्बिडो कहते हैं। उच्च ऐल्बिडो का उदाहरण हिम (snow) है, जिसका ऐल्बिडो 0.80-0.90 होता है। निम्न ऐल्बिडो का उदाहरण काली मृदा या सागरीय जल है, जिनका ऐल्बिडो 0.10 से भी कम होता है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. कल्पना कीजिए कि पृथ्वी की सतह का औसत एल्बिडो अचानक बढ़ जाए। इसका पृथ्वी के तापमान पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इसके परिणामस्वरूप क्रायोस्फीयर, हाइड्रोस्फीयर और बायोस्फीयर में क्या परिवर्तन हो सकते हैं? तार्किक विश्लेषण कीजिए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
यदि पृथ्वी की सतह का औसत एल्बिडो बढ़ जाता है, तो सौर विकिरण का अधिक भाग अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाएगा और पृथ्वी द्वारा अवशोषित ऊर्जा घट जाएगी। इससे पृथ्वी का औसत तापमान गिरने लगेगा। क्रायोस्फीयर पर प्रभाव: तापमान गिरने से हिम और बर्फ का विस्तार होगा, ध्रुवीय बर्फ टोपियाँ और हिमानियाँ बढ़ेंगी। इससे एल्बिडो और बढ़ सकता है, जो शीतलन को और प्रबल करेगा (धनात्मक पुनर्भरण)। हाइड्रोस्फीयर पर प्रभाव: ठंडे तापमान में वाष्पीकरण की दर घट जाएगी, जिससे वायुमंडल में जलवाष्प कम होगी और वर्षा में कमी आ सकती है। इससे नदियों का जल-प्रवाह घट सकता है और सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जीव-मंडल पर प्रभाव: ठंडी जलवायु से कृषि उत्पादन घटेगा, वनस्पति क्षेत्र सिकुड़ सकते हैं। कई प्रजातियाँ ठंड से मर सकती हैं या अनुकूलन कर सकती हैं। समुद्री प्लवक (phytoplankton) प्रकाश संश्लेषण के लिए कम तापमान और कम उपलब्ध प्रकाश से प्रभावित हो सकते हैं। कुल मिलाकर, जैव-विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. एक स्थान पर स्वच्छ आकाश में पृथ्वी की सतह पर औसत आतपन (insolation) 800 W/m² है। यदि उपलब्ध सौर पैनलों की दक्षता 20% है और एक विद्यालय की कुल विद्युत आवश्यकता 4 kW है, तो विद्यालय की विद्युत आवश्यकता पूरी करने के लिए कितने क्षेत्रफल के सौर पैनल लगाने होंगे? गणना सहित समझाइए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
दिया गया है: आतपन = 800 W/m² सौर पैनल की दक्षता = 20% = 0.20 विद्युत आवश्यकता = 4 kW = 4000 W सौर पैनलों द्वारा उत्पन्न प्रभावी शक्ति प्रति वर्ग मीटर = आतपन × दक्षता = 800 × 0.20 = 160 W/m² आवश्यक क्षेत्रफल = कुल विद्युत आवश्यकता / प्रभावी शक्ति प्रति वर्ग मीटर = 4000 W / 160 W/m² = 25 m² अतः, विद्यालय की विद्युत आवश्यकता पूरी करने के लिए 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के सौर पैनल लगाने होंगे।
- केस स्टडी
Q12. आर्कटिक क्षेत्र में पिछले कुछ दशकों में बर्फ तेजी से पिघल रही है। इससे वहाँ का ऐल्बिडो बदल रहा है, जिससे और अधिक बर्फ पिघल रही है।
4 अंक- (i) ऐल्बिडो किसे कहते हैं?1 अंक
- (ii) बर्फ पिघलने से ऐल्बिडो में क्या परिवर्तन होता है और क्यों?1 अंक
- (iii) इस परिवर्तन से उत्पन्न पुनर्भरण चक्र की व्याख्या कीजिए और यह बताइए कि इसका वैश्विक तापमान पर क्या दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।2 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
(a) ऐल्बिडो परावर्तित सौर विकिरण का अंश है। (b) बर्फ पिघलने से अधिक गहरी सतह दिखने के कारण ऐल्बिडो कम होता है। (c) कम ऐल्बिडो से अधिक ऊर्जा अवशोषण, तापमान वृद्धि, और अधिक पिघलने का चक्र बनता है; इससे वैश्विक तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पृथ्वी तंत्र के पाँच प्रमुख गोले कौन-से हैं और इनकी भूमिका क्या है?
पृथ्वी के पाँच गोले हैं: वायुमंडल (गैसों का आवरण), जलमंडल (सभी जल स्रोत), स्थलमंडल (पृथ्वी की ठोस बाहरी परत), जीवमंडल (समस्त जीवन) और हिममंडल (बर्फ से ढके क्षेत्र)। ये आपस में ऊर्जा और पदार्थ के विनिमय द्वारा जुड़े हैं।
एल्बिडो किसे कहते हैं और यह जलवायु को कैसे प्रभावित करता है?
किसी सतह द्वारा परावर्तित सौर विकिरण और उस पर आपतित कुल विकिरण के अनुपात को एल्बिडो कहते हैं। बर्फ जैसी चमकीली सतहों का एल्बिडो अधिक (0.8-0.9) होता है, जबकि सड़क या जंगल का कम (0.1-0.2)। जब ध्रुवीय बर्फ पिघलती है, एल्बिडो घटता है, पृथ्वी अधिक ऊष्मा अवशोषित करती है, जिससे तापमान और बढ़ता है – यह एक सकारात्मक प्रतिक्रिया चक्र है।
विद्यालय की विद्युत आवश्यकता 4 kW है, सौर पैनल की दक्षता 20% और स्थान पर आतपन 800 W/m² हो तो पैनल का क्षेत्रफल कैसे निकालेंगे?
आवश्यक विद्युत = 4000 W, उपलब्ध आतपन = 800 W/m², दक्षता = 0.20। पैनल द्वारा उत्पन्न बिजली = आतपन × क्षेत्रफल × दक्षता। अतः 4000 = 800 × A × 0.20। इससे A = 4000 / (800 × 0.20) = 4000 / 160 = 25 m²। अतः 25 वर्ग मीटर के सौर पैनल चाहिए।
यदि वन क्षेत्र को साफ कर वहाँ सफ़ेद इमारतें और सड़कें बना दी जाएँ तो स्थानीय तापमान और वायुमंडलीय परिसंचरण पर क्या असर होगा?
वन का एल्बिडो कम (लगभग 0.1-0.2) जबकि सफ़ेद सतहों का अधिक (0.6-0.8) होता है। इस परिवर्तन से अधिक सौर विकिरण परावर्तित होगा, स्थानीय सतह का तापमान गिर सकता है। यह तापमान अंतर वायुमंडलीय दाब प्रवणता को बदल सकता है, जिससे स्थानीय पवनों की दिशा और गति में परिवर्तन संभव है।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: अन्वेषण – माध्यमिक विज्ञान की दुनिया में प्रवेश
- अध्याय 2: कोशिका – जीवन की आधारभूत इकाई
- अध्याय 3: ऊतकों की कार्यप्रणाली
- अध्याय 4: हमारे चारों ओर गति का वर्णन
- अध्याय 5: मिश्रण और उनका पृथक्करण
- अध्याय 6: बल गति को कैसे प्रभावित करते हैं
- अध्याय 7: कार्य, ऊर्जा और सरल मशीनें
- अध्याय 8: परमाणु के भीतर की यात्रा
- अध्याय 9: पदार्थ का परमाणु आधार
- अध्याय 10: ध्वनि तरंगें – विशेषताएँ और अनुप्रयोग
- अध्याय 11: प्रजनन – जीवन की निरंतरता
- अध्याय 12: जीवन के पैटर्न – विविधता एवं वर्गीकरण
- अध्याय 13: पृथ्वी एक तंत्र के रूप में – ऊर्जा, पदार्थ और जीवन