कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 13: हमारा पर्यावरण — महत्वपूर्ण प्रश्न व नमूना पेपर
उत्तर सहित महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्नों का अभ्यास करें, CBSE अंक-विभाजन व ब्लूप्रिंट देखें, या पूरा नमूना प्रश्नपत्र बनाएँ — मुफ़्त, 2026-27 के लिए।
qpaper की CBSE पाठ्यक्रम टीम द्वारा समीक्षित · संपादन: Mohit · अपडेट: जून 2026
संक्षेप में उत्तर
हाँ — इस पृष्ठ पर कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 13 (“हमारा पर्यावरण”) के 44+ मौलिक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित हैं (बहुविकल्पीय (MCQ), अभिकथन–कारण, लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय, दीर्घ उत्तरीय, केस स्टडी)। इन्हें मुफ़्त हल करें, या पूरा CBSE बोर्ड-पैटर्न नमूना प्रश्नपत्र (80 अंक) बनाकर PDF या Word में निर्यात करें — हिंदी व अंग्रेज़ी में, 2026-27 के लिए।
कक्षा 10 विज्ञान का अध्याय 13 'हमारा पर्यावरण' पर्यावरणीय अवधारणाओं पर केंद्रित है। इस अध्याय में पारिस्थितिक तंत्र, इसके जैविक और अजैविक घटक, खाद्य श्रृंखला एवं जाल, पोषी स्तर, ऊर्जा प्रवाह और 10% नियम, जैविक आवर्धन, जैव-अनिम्नीकरणीय एवं जैव-निम्नीकरणीय पदार्थ, तथा ओज़ोन परत का क्षरण जैसे विषय शामिल हैं। छात्र इन विषयों के माध्यम से प्रकृति में ऊर्जा के स्थानांतरण और मानव गतिविधियों के प्रभाव को समझते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से इस अध्याय से विविध प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, जैसे खाद्य श्रृंखला में विघ्न के प्रभाव का विश्लेषण, ऊर्जा गणना (10% नियम लागू करना), जैविक आवर्धन की व्याख्या और DDT जैसे प्रदूषकों का प्रभाव, जैव-अनिम्नीकरणीय पदार्थों के नुकसान, तथा पारिस्थितिक तंत्र के घटक पहचानना। बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही खाद्य श्रृंखला क्रम चुनना सामान्य है। संक्षिप्त उत्तरीय प्रश्न अक्सर अवधारणाओं की स्पष्ट समझ माँगते हैं। यहाँ उपलब्ध प्रश्न पत्र जनरेटर की सहायता से शिक्षक अपनी आवश्यकतानुसार अनुकूलित प्रश्न पत्र बना सकते हैं, जिससे छात्रों को अभ्यास करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलती है।
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विज्ञान — हमारा पर्यावरण
खंड क
- 1.1
निम्नलिखित में से जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट है:
(a) प्लास्टिक की थैली(b) काँच की बोतल(c) सब्जियों के छिलके(d) एल्युमिनियम का डिब्बा - 2.1
खाद्य श्रृंखला: घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → चील, में यदि सभी साँप हटा दिए जाएँ तो प्रारंभ में सबसे अधिक संभावित प्रभाव क्या होगा?
(a) मेंढकों की जनसंख्या बढ़ जाएगी(b) टिड्डों की जनसंख्या घट जाएगी(c) चीलों की जनसंख्या बढ़ जाएगी(d) कोई परिवर्तन नहीं होगा - 3.1
खाद्य श्रृंखला में प्रथम पोषी स्तर पर निम्नलिखित में से कौन सा जीव आता है?
(a) घास(b) हिरण(c) शेर(d) गिद्ध
पूरे पेपर में 41 और प्रश्न
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CBSE परीक्षा में यह अध्याय आमतौर पर निम्न प्रकार के प्रश्न देता है। अंतिम कॉलम बताता है कि इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में हर प्रकार के कितने मौलिक प्रश्न तैयार हैं:
| प्रश्न प्रकार | प्रति अंक | हमारे बैंक में |
|---|---|---|
| बहुविकल्पीय (MCQ) | 1 अंक | 13 |
| अभिकथन–कारण | 1 अंक | 6 |
| लघु उत्तरीय | 2 अंक | 8 |
| लघु उत्तरीय | 3 अंक | 6 |
| दीर्घ उत्तरीय | 5 अंक | 5 |
| केस स्टडी | 4 अंक | 6 |
इस अध्याय के लिए हमारे बैंक में 44 मौलिक, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — उत्तर सहित।
महत्वपूर्ण व नमूना प्रश्न (उत्तर सहित)
अभ्यास व पुनरावृत्ति के लिए असली, परीक्षा-स्तरीय प्रश्न — हर प्रश्न उत्तर सहित। असीमित प्रश्नों के लिए पूरा प्रश्नपत्र बनाएँ।
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q1. निम्नलिखित में से जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट है:
1 अंक(A) प्लास्टिक की थैली(B) काँच की बोतल(C) सब्जियों के छिलके(D) एल्युमिनियम का डिब्बा▸ उत्तर▾ उत्तर
सब्जियों के छिलके
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q2. खाद्य श्रृंखला: घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → चील, में यदि सभी साँप हटा दिए जाएँ तो प्रारंभ में सबसे अधिक संभावित प्रभाव क्या होगा?
1 अंक(A) मेंढकों की जनसंख्या बढ़ जाएगी(B) टिड्डों की जनसंख्या घट जाएगी(C) चीलों की जनसंख्या बढ़ जाएगी(D) कोई परिवर्तन नहीं होगा▸ उत्तर▾ उत्तर
मेंढकों की जनसंख्या बढ़ जाएगी
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q3. खाद्य श्रृंखला में प्रथम पोषी स्तर पर निम्नलिखित में से कौन सा जीव आता है?
1 अंक(A) घास(B) हिरण(C) शेर(D) गिद्ध▸ उत्तर▾ उत्तर
घास
- बहुविकल्पीय (MCQ)
Q4. ओजोन परत का क्षरण मुख्यतः किसके कारण होता है?
1 अंक(A) कार्बन डाइऑक्साइड(B) मीथेन(C) क्लोरोफ्लोरोकार्बन(D) सल्फर डाइऑक्साइड▸ उत्तर▾ उत्तर
क्लोरोफ्लोरोकार्बन
- अभिकथन–कारण
Q5. अभिकथन (A): जैवनिम्नीकरणीय अपशिष्ट जैसे कागज़, भू-भराव स्थल (लैंडफिल) में खुले वातावरण की तुलना में शीघ्र विघटित हो जाते हैं। कारण (R): सूक्ष्मजीवों को अपघटन क्रिया के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जो खुले वातावरण में भरपूर उपलब्ध होती है।
1 अंक(A) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।(B) अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।(C) अभिकथन (A) सही है परन्तु कारण (R) गलत है।(D) अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।▸ उत्तर▾ उत्तर
अभिकथन (A) गलत है परन्तु कारण (R) सही है।
- लघु उत्तरीय
Q6. पारिस्थितिक तंत्र किसे कहते हैं? इसके दो मुख्य घटक कौन-कौन से हैं?
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
पारिस्थितिक तंत्र एक प्राकृतिक इकाई है जिसमें सभी जीव (पौधे, जंतु और सूक्ष्मजीव) तथा पर्यावरण के अजैविक कारक परस्पर क्रिया करते हैं। इसके दो घटक हैं: जैविक (उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक) और अजैविक (प्रकाश, ताप, जल, मिट्टी, खनिज)।
- लघु उत्तरीय
Q7. ऊर्जा स्थानांतरण के 10 प्रतिशत नियम को एक उपयुक्त उदाहरण देकर समझाइए।
2 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
प्रत्येक पोषण स्तर पर ऊर्जा का केवल 10% अगले स्तर को प्राप्त होता है, शेष 90% उपापचय क्रियाओं में खर्च हो जाता है। उदाहरण: यदि उत्पादकों में 1000 J ऊर्जा हो, तो प्राथमिक उपभोक्ता को 100 J, द्वितीयक उपभोक्ता को 10 J और तृतीयक उपभोक्ता को 1 J ही मिलेगी।
- लघु उत्तरीय
Q8. जैव-अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) पदार्थ क्या होते हैं? हमारे पर्यावरण के लिए ये क्यों हानिकारक हैं? कोई दो कारण बताइए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
जैव-अनिम्नीकरणीय पदार्थ वे हैं जिन्हें जीवाणु या अन्य अपघटक नहीं तोड़ सकते, जैसे प्लास्टिक। ये हानिकारक हैं क्योंकि (1) ये मृदा और जल को प्रदूषित करते हैं, (2) ये खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर जीवों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
- लघु उत्तरीय
Q9. मानव गतिविधियों के कारण किसी पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह (energy flow) किस प्रकार बाधित हो सकता है? एक काल्पनिक पारितंत्र का उदाहरण लेकर उसमें दो संभावित व्यवधानों का वर्णन कीजिए और उनके दूरगामी प्रभावों की व्याख्या कीजिए।
3 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
मानव गतिविधियाँ जैसे प्रदूषण, वनों की कटाई, अत्यधिक शिकार आदि ऊर्जा प्रवाह को बाधित कर सकती हैं। उदाहरण: तालाब पारितंत्र (शैवाल → छोटी मछली → बड़ी मछली)। व्यवधान 1: रासायनिक उर्वरकों के बहाव से शैवालों का अतिवृद्धि (यूट्रोफिकेशन) होना, जिससे घुलित ऑक्सीजन घटती है और ऊर्जा प्रवाह अवरुद्ध होता है। व्यवधान 2: बड़ी मछलियों का अत्यधिक शिकार, जिससे ऊपरी स्तर पर ऊर्जा की कमी और छोटी मछलियों की संख्या अनियंत्रित हो जाती है। दूरगामी प्रभाव: खाद्य श्रृंखला संतुलन बिगड़ने से पूरा पारितंत्र ध्वस्त हो सकता है, जैव विविधता घटती है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q10. ओजोन परत के क्षरण के कारणों और इसके पर्यावरणीय तथा स्वास्थ्य प्रभावों की विस्तृत व्याख्या कीजिए। इस समस्या से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रयास किए गए हैं?
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
ओजोन परत का क्षरण मुख्यतः क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) जैसे रसायनों के कारण होता है, जो रेफ्रिजरेंट, एयर कंडीशनर तथा फोम बनाने में प्रयुक्त होते हैं। जब ये समताप मंडल तक पहुँचते हैं, तो पराबैंगनी विकिरण द्वारा अपघटित होकर क्लोरीन मुक्त करते हैं, जो ओजोन अणुओं को तोड़ देती है। पर्यावरणीय प्रभाव: पराबैंगनी (UV) विकिरण में वृद्धि से फसल उत्पादन में कमी, पारिस्थितिक तंत्रों में असंतुलन; स्वास्थ्य प्रभाव: त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा तंत्र का दुर्बल होना। अंतर्राष्ट्रीय प्रयास: 1987 का मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल, जिसके तहत CFCs और अन्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके परिणामस्वरूप ओजोन छिद्र में सुधार हो रहा है।
- दीर्घ उत्तरीय
Q11. एक जलीय खाद्य श्रृंखला का उदाहरण देते हुए ऊर्जा प्रवाह का वर्णन कीजिए। ऊर्जा प्रवाह एकदिशीय क्यों होता है? 10% नियम की व्याख्या कीजिए।
5 अंक▸ उत्तर▾ उत्तर
जलीय खाद्य श्रृंखला: शैवाल (उत्पादक) → छोटी मछली (प्राथमिक उपभोक्ता) → बड़ी मछली (द्वितीयक उपभोक्ता) → पक्षी (तृतीयक उपभोक्ता)। ऊर्जा सूर्य से शुरू होकर उत्पादकों द्वारा प्रकाश-संश्लेषण के रूप में ग्रहण की जाती है और फिर एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक स्थानांतरित होती है। ऊर्जा प्रवाह एकदिशीय होता है क्योंकि किसी पोषी स्तर द्वारा खोई गई ऊर्जा पुनः प्राप्त नहीं की जा सकती; ऊर्जा का स्थानांतरण केवल उत्पादक से उपभोक्ता की ओर होता है। 10% नियम के अनुसार, औसतन एक पोषी स्तर की केवल 10% ऊर्जा ही अगले पोषी स्तर को प्राप्त होती है, शेष 90% ऊर्जा चयापचय क्रियाओं एवं ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
- केस स्टडी
Q12. एक वन पारिस्थितिक तंत्र में घास, हिरण, बाघ, गिद्ध और जीवाणु पाए जाते हैं। घास सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाती है। हिरण घास खाता है, बाघ हिरण का शिकार करता है। गिद्ध मृत जानवरों को खाते हैं और जीवाणु मृत जीवों का अपघटन करते हैं। यदि बाघों का शिकार कर दिया जाए तो...
4 अंक- (i) इस पारिस्थितिक तंत्र में खाद्य जाल बनाइए और एक खाद्य श्रृंखला लिखिए।2 अंक
- (ii) यदि बाघों को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए तो हिरणों की जनसंख्या और घास पर क्या प्रभाव पड़ेगा? व्याख्या कीजिए।2 अंक
▸ उत्तर▾ उत्तर
खाद्य जाल में विभिन्न कड़ियाँ दिखाई गई हैं, खाद्य श्रृंखला सरल रेखीय है। बाघ के विलुप्त होने से हिरणों की संख्या विस्फोटक रूप से बढ़ेगी, अति-चराई से घास नष्ट होगी और मृदा अपरदन हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जैविक आवर्धन क्या है? इसका ऊपरी पोषी स्तरों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
जैविक आवर्धन वह प्रक्रिया है जिसमें अजैव-निम्नीकरणीय विषैले पदार्थ (जैसे DDT) खाद्य श्रृंखला के माध्यम से एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक जाते हैं और उनकी सांद्रता में वृद्धि होती जाती है। सबसे ऊपरी पोषी स्तर पर इन हानिकारक रसायनों की मात्रा इतनी अधिक हो जाती है कि वहाँ के जीवों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। उदाहरण के लिए, नदी में छोड़ा गया DDT जलीय पादपों द्वारा अवशोषित होता है, फिर छोटी मछलियाँ, बड़ी मछलियाँ और अंत में मछली खाने वाले पक्षियों में इसकी सांद्रता क्रमशः बढ़ती जाती है, जिससे पक्षियों के प्रजनन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
ऊर्जा प्रवाह में 10% नियम क्या है? एक उदाहरण सहित समझाइए।
10% नियम के अनुसार, एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर तक केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। शेष 90% ऊर्जा श्वसन, शरीर की उपापचयी क्रियाओं तथा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है। उदाहरण: यदि उत्पादक स्तर पर 10,000 J सौर ऊर्जा संग्रहीत है, तो प्राथमिक उपभोक्ता (टिड्डा) को केवल 1,000 J ऊर्जा प्राप्त होगी। द्वितीयक उपभोक्ता (मेंढक) को 100 J, तथा तृतीयक उपभोक्ता (साँप) को मात्र 10 J ऊर्जा मिलेगी। यही कारण है कि खाद्य श्रृंखला में पोषी स्तरों की संख्या सीमित होती है।
जैव-निम्नीकरणीय और जैव-अनिम्नीकरणीय पदार्थों में क्या अंतर है? इनके पर्यावरणीय प्रभाव बताइए।
जैव-निम्नीकरणीय पदार्थ वे हैं जिन्हें जीवाणु, कवक आदि अपघटक सरल पदार्थों में विघटित कर सकते हैं, जैसे कागज़, सब्ज़ियों के छिलके, रसोई का अपशिष्ट। ये पर्यावरण में प्रदूषण नहीं फैलाते और पुनर्चक्रित हो जाते हैं। जैव-अनिम्नीकरणीय पदार्थ वे हैं जिनका अपघटन नहीं हो पाता, जैसे प्लास्टिक, DDT, धातुएँ। ये पर्यावरण में वर्षों तक बने रहते हैं, मृदा और जल प्रदूषित करते हैं, तथा खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर जैविक आवर्धन का कारण बनते हैं। इनके निपटान की बड़ी चुनौती है।
ओज़ोन परत का क्या महत्व है? इसके क्षरण के मुख्य कारण क्या हैं?
ओज़ोन परत वायुमंडल की समतापमंडल स्थित एक क्षेत्र है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। UV किरणें त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद तथा पादपों की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। ओज़ोन क्षरण के मुख्य कारण क्लोरोफ़्लोरोकार्बन (CFC) जैसे रसायन हैं, जो रेफ़्रिजरेंट, एयरोसॉल स्प्रे और फोम उद्योगों में उपयोग होते हैं। CFCs वायुमंडल में पहुँचकर ओज़ोन को ऑक्सीजन में तोड़ देते हैं, जिससे ओज़ोन परत पतली हो जाती है और हानिकारक विकिरण पृथ्वी तक पहुँचने लगते हैं।
अन्य अध्याय
- अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
- अध्याय 2: अम्ल, क्षारक और लवण
- अध्याय 3: धातु और अधातु
- अध्याय 4: कार्बन एवं उसके यौगिक
- अध्याय 5: जैव प्रक्रम
- अध्याय 6: नियंत्रण एवं समन्वय
- अध्याय 7: जीव जनन कैसे करते हैं?
- अध्याय 8: आनुवंशिकता
- अध्याय 9: प्रकाश - परावर्तन एवं अपवर्तन
- अध्याय 10: मानव नेत्र और रंगीन संसार
- अध्याय 11: विद्युत
- अध्याय 12: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
- अध्याय 13: हमारा पर्यावरण